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महासिद्ध (तिब्बती भाषा : གྲུབ་ཐོབ་ཆེན་པོ, Wylie: grub thob chen po, THL: druptop chenpo) का शाब्दिक अर्थ है, 'जिसने महान सिद्धि प्राप्त कर ली है'। बज्रयान सम्प्रदाय के सन्दर्भ में, कुछ विशेष प्रकार के योगी/योगिनियों को महासिद्ध कहते हैं। महासिद्ध तंत्रविद्या में पारंगत होते थे। 'सिद्ध' उसे कहते हैं जिसने साधना के द्वारा सिद्धि प्राप्त कर ली हो। ऐतिहासिक रूप से सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप और हिमालय क्षेत्र में सिद्धों का अत्यधिक प्रभाव था। महासिद्धों ने ही बौद्ध धर्म के बज्रयान सम्प्रदाय का सूत्रपात किया ।

चौरासी महासिद्धसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

इन्हें भी देखेंसंपादित करें