मानक मॉडल से परे भौतिकी (अंग्रेज़ी: Physics beyond the Standard Model[1]) का तात्पर्य उस भौतिकी से है जो सैद्धांतिक विकास को समझने के लिए मानक मॉडल की अपूर्णता को दूर करे, यथा उत्क्रम समस्या, डार्क मैटर, ब्रह्मांडीय नियतांक समस्या, प्रबल आवेश-समता समस्या, न्यूट्रिनो दोलन आदि।[2] अन्य समस्या मानक मॉडल के गणितीय ढ़ाँचे के साथ है – मानक मॉडल सामान्य आपेक्षिकता के संगत नहीं है। मानक मॉडल ज्ञात दिक्-काल में विचित्रता जैसे महाविस्फोट सिद्धांत और घटना क्षितिज में ब्लैक होल को समझाने में असमर्थ है।

मानक मॉडल के साथ समस्यासंपादित करें

कण भौतिकी में अब तक का सबसे सफल सिद्धांत मानक मॉडल अपने आप में परिपूर्ण नहीं है।[3]

 
मानक मॉडल के मूलभूत कण।

प्रयोगिक प्रेक्षणों को समझाने में असफलसंपादित करें

यहाँ प्राकृतिक रूप से पर्याप्त तथ्य उपलब्द्ध हैं जिनको मानक मॉडल समझाने में असफल रहा है।:

  • गुरुत्व। मानक मॉडल गुरुत्वाकर्षण के विषय में कुछ नहीं कहता। इसके अतिरिक्त यह गुरुत्व के अब तक के सबसे सफल सिद्धांत सामान्य आपेक्षिकता के संगत नहीं है।[4]
  • डार्क मैटर और डार्क ऊर्जा। ब्रह्माण्डीय प्रेक्षणों में यह पाया गया है कि मानक मॉडल केवल 4% ऊर्जा के बारे में ही व्याख्या करता है। इसके अतिरिक्त 96% भाग जिसमें से 24% डार्क मैटर है जो अन्य पदार्थों के समान ही व्यवहार करता होगा और मानक मॉडल के साथ वो केवल दुर्बल अन्योंन्य क्रियाएं करता हो। इसी प्रकार अदृश्य ऊर्जा के सम्बंध में भी मानक मॉडल कुछ नहीं बताता।[5]
  • न्यूट्रिनों द्रव्यमान। मानक मॉडल के अनुसार न्यूट्रिनो द्रव्यमानरहित कण हैं। यद्दपि न्यूट्रिनों दोलन प्रयोगों से यह सिद्ध हो गया है कि न्यूट्रिनो द्रव्यमान रहित नहीं है।[6]
  • द्रव्य/प्रतिद्रव्य असमानता। ब्रह्माण्ड का मुख्य रूप से द्रव्य (पदार्थ) से बना है। तथापि मानक मॉडल के अनुसार द्रव्य और प्रतिद्रव्य का निर्माण लगभग समान मात्रा में हुआ था।[6]
  • बाबार प्रयोग द्वारा सुझावित मानक मॉडल के दोष[7]

सैद्धांतिक समस्यासंपादित करें

सर्वतत्व सिद्धांतसंपादित करें

स्ट्रिंग सिद्धांत पर अधिक जानकारी हेतु, सर्वतत्व सिद्धांत पर जाएँ

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "एच.आर.आई. में भौतिकी में अनुसंधान". हरीशचन्द्र अनुसंधान संस्थान. मूल से 4 मार्च 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 23 जुलाई 2013.
  2. J. Womersley (February 2005). "Beyond the Standard Model" (PDF). Symmetry Magazine. मूल (PDF) से 17 अक्तूबर 2007 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2010-11-23.
  3. Lykken (2010). "Beyond the Standard Model". arXiv:1005.1676 [hep-ph].
  4. ए॰ओ॰ सुश्कोव, डब्ल्यू॰जे॰ किम और डी॰आर॰ डेल्विट एवं एस॰के॰ लामोरेक्स, "New Experimental Limits on Non-Newtonian Forces in the Micrometer Range", Phys. Rev. Lett. 107, 171101 (2011) DOI: 10.1103/PhysRevLett.107.171101 http://arxiv.org/pdf/1108.2547.pdf, http://arxiv.org/pdf/1209.3511v1.pdf
  5. Krauss, Lawrence. A Universe from Nothing Archived 16 मई 2016 at the वेबैक मशीन.. AAI Conference, 2009.
  6. "सीएमएस प्रयोग द्वारा दृष्ट एक दुर्बल क्षय" (PDF). मूल से 6 अगस्त 2013 को पुरालेखित (PDF). अभिगमन तिथि 23 जुलाई 2013.
  7. Multiple Authors. "Evidence for an excess of B -> D(*) Tau Nu decays". मूल से 20 जून 2012 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 23 जुलाई 2013.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें