प्रजाति (race) का तात्पर्य वर्तमान मेधावी मानव की जीव वैज्ञानिक विशेषताओं के आधार पर उसके उस वर्गीकरण से हैं, जिसका प्रत्येक वर्ग वंशानुक्रम के द्वारा शारीरिक लक्षणों में पर्याप्त समानता रखता हैं। किसी प्रजातिय वर्ग जिनमें सभी लोगों के बीच नस्ल या जन्मजात सम्बन्ध पाए जाते हैं और उनके द्वारा पीड़ी-दर-पीड़ी उनका वहन किया जाता हैं। प्रसिद्ध भूगोलवेत्ता क्रोबर के अनुसार "प्रजाति एक प्रमाणिक प्राणिशास्त्रीय अवधारणा हैं। यह एक समूह है जो वंशानुक्रमण, वश या प्रजातीय गुण अथवा उप-समुह के द्वारा जुडा होता हैं। यह सामाजिक -सांस्क्रतिक अवधारणा नही हैं।[1]

प्रजाति की उत्पत्ति तथा विकास के कारकसंपादित करें

रीरिक ल शाक्षणसंपादित करें

  • त्वचा का रंग
  • शरीर का कद
  • मुखाक्रति
  • बालो की बनावट
  • सिर की बनावट अथवा कपाल सूचकांक
  • नाक की आक्रति तथा नासिका सूचकांक

मानव प्रजातियों का वर्गिकरणसंपादित करें

  1. नार्डिक
  2. अल्पाइन
  3. भूमध्यसागरीय प्रजाति

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Gannon, Megan (5 February 2016). "Race Is a Social Construct, Scientists Argue". Scientific American (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि 2020-09-08.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें

विश्व की मानव प्रजातियां  
मानव प्रजातियां
| आस्ट्रेलायड्रस |एनु | कांगो बेसिन के पिग्मी | काकेसाइड या श्वेत प्रजाति | नीग्रोइड्स | मंगोलायड प्रजाति | मलैनेशियन | माइक्रोनेशियन | वेडायड | हाटेन्टॉट्स |
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