मुरब्बा परम्परागत रूप से मीठा होता है। यह भारत और पाकिस्तान में काफी प्रचलित है। यह युनानी दवाई प्रकार का सबसे प्रचलीत एवम असरदार संशोधन है. युनानी वैद्यकीय प्रणाली मे मुरब्बा, चटनी और माजुन के रुप मे दवा का स्वरुप है. ईसमे मिठास केलीए गुड और चिनी दोनो का उपयोग होता है. फलो को मीठे चाचणी मे ईतना भिगोया जाता है के उसे स्वादिष्ट बना देता है. यह विधी सीकंदर की सेना मे मौजुद वैद्य हकीमो ने दुनियाभर फैलाया.. मरब्बा दो प्रकार का होता है

आड़ू (पीच) का मुरब्बा

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