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मुसाफिरखाना भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में स्थित एक कस्बा व नगर पंचायत क्षेत्र  है, पूर्व में यह सुल्तानपुर जिले की एक महत्वपूर्ण तहसील थी। 'मुसाफिरखाना' शब्द का अर्थ है सराय या धर्मशाला। मुसाफिरखाना उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में स्थित' है। यह लखनऊ-अमेठी रोड पर स्थित है  गौरीगंज और अमेठी सड़क मार्ग माध्यम से मुसाफिरखाना पहुँचा जा सकता हैं। निकटतम रेलवे स्टेशन मुसाफिर खाना रेलवे स्टेशन है। इसके अतिरिक्त अमेठी, गौरीगंज,निहालगढ़ एवं सुल्तानपुर निकटवर्ती रेलवे स्टेशन हैं। निकटतम हवाई अड्डा अमौसी है। भौगोलिक दृष्टि से, शहर 26.37 ° उत्तरी अक्षांश और 81.8 ° पूर्वी देशांतर में स्थित है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 102 मीटर (334 फुट) है।

मुसाफिरखाना
city
CountryFlag of India.svg भारत
राज्यउत्तर प्रदेश
ज़िलाअमेठी
ऊँचाई102 मी (335 फीट)
जनसंख्या (2001)
 • कुल7,873
भाषा
 • आधिकारिकहिन्दी
समय मण्डलIST (यूटीसी+5:30)
पिन227813
वेबसाइटwww.npmkhana.in

भूगोलसंपादित करें

मुसाफिरखाना में स्थित है 26°22′N 81°48′E / 26.37°N 81.8°E / 26.37; 81.8. यह 102 के एक औसत ऊंचाई है मीटर (334 फीट)।

प्रसिद्ध मंदिरसंपादित करें

  • मृत्युंजय महादेव मन्दिर: यह वार्ड न० ४ नगर पंचायत, मुसाफिरखाना में स्थित है। इस मंदिर की स्थापना स्वर्गीय माता बादल शुक्ल ने १९५९ में की जो न्यायधीश स०न० शुक्ल के पिता थे। इस मन्दिर में माँ दुर्गा, साईं बाबा और राधा-कृष्ण की मूर्तियाँ हैं। इस वर्ष २ जून २०१३ से ९ जून २०१ ३ तक मंदिर के निकट श्री परम पूज्य विशाल विशाल कौशल जी महाराज द्वारा राम कथा शिविर आयोजित हुआ था।
  • बाबा नंद महर : यह भगवान कृष्ण जी की स्मृति में यादवों द्वारा बनवाया गया मंदिर है। ऐसी मान्यता है कि यहाँ भगवान श्री कृष्ण अपने बचपन में आए थे। यह मंदिर यादवों के राजा भगवान राजा बलि और पवारिया के लिए भी प्रसिद्ध है। हर मंगलवार को लोग दूध के साथ यहाँ आते हैं व पूजा अर्चना करते हैं। यहाँ हर वर्ष हिन्दी माह कार्तिक पूर्णिमा को एक बड़ा और लोकप्रिय मेला लगता है। प्रमुख बात यह है कि अलग अलग ज़िलों से ( अमेठी, सुल्तानपुर, फैजाबाद, बहराइच, गोंडा, [[अम्बेडकरनगर, प्रतापगढ़, राय बरेली, बाराबंकी ) लोग आते हैं व पूजा अर्चना करते हैं।
  • दुर्गन भवानी: यह देवी माँ दुर्गा एवं पवन पुत्र हनुमान का प्रसिद्ध मंदिर है।


  • संतोषी माता: यह बहुत ही मशहूर देवी संतोषी का मंदिर है। यह मंदिर मुसाफिरखाना से 6 कि॰मी॰ दूर जामो रोड पर है। संतोषी माता मंदिर तिवारी का पुरवा, बरहेती गांव में है। यहाँ हर शुक्रवार को लोग आते हैं और अपने कल्याण के लिए कामना करते हैं।
  • मुसाफिरखाना तहसील के जगदीशपुर ब्लाक के कोछित गांव मे दन्डेस्वर बाबा (शिव के रूप ) का मन्दिर स्थपित है |यहां पर शिवरात्रि में एक दिन तथा अधिमास के अवसर पर १ मास क मेले का आयोजन होता है | यह मन्दिर भगवान बाराह (विष्णु रूप) के समय से अस्तित्व में है| साथ ही यहां पे प्राचीन राम जानकी मन्दिर , स्वेत बाराह मन्दिर चर्चित है | यही से ३ किलो मी दूर मुसाफिरखाना ब्लाक के नारा गांव मे बाबा महावीर दास की कुटी है जोकि एक. चर्चित स्थल है नारा गांव के स्वेत बाराह स्थान पर थसाल में दो ब़ार राम नवमी तथा कार्तिक मास के पूर्णमासी को विसाल मेला लगता है|

महादेव बाबा शिव भोले का मन्दिर ग्राम पिण्डारा करनाई में स्थित है। यह हमारे क्षेत्र का सबसे पुराना मन्दिर है। यहाँ हर शिवरात्री को बहुत बड़ा मेला लगता है। और मलमास के समय भी पूरे महीने शिव बाबा को जल अर्पण के लिए बहुत भीड़ रहती है। यहाँ के बबुवान ठाकुर बब्बन सिंह के सानिध्य में यहाँ बहुत बड़े मेले का आयोजन होता था जो आज भी अनवरत चला आ रहा है। यहाँ मंदिर में पाई गयी मूर्तियाँ खडिंत हैं जिस से यह पता चलता है कि इस मंदिर पर मुगल शासकों का आक्रमण हुआ था।

जनसांख्यिकीसंपादित करें

2001 के अनुसार  भारत की जनगणना, मुसाफिरखाना 7373 की आबादी थी। पुरुषों आबादी के 53% और महिलाओं 47% का गठन। मुसाफिरखाना 66%, 59.5% के राष्ट्रीय औसत से अधिक की एक औसत साक्षरता दर है: पुरुष साक्षरता 75% है और महिला साक्षरता है 57%। मुसाफिरखाना में, जनसंख्या का 15% उम्र के 6 वर्ष से कम है।

परिवहनसंपादित करें

मुसाफिरखाना एक रेलवे स्टेशन है (यह है से 500 मीटर की दूरी केंद्र स्थान), जो वाराणसी-लखनऊ रेल मार्ग पर पड़ता। मुसाफिरखाना की बहुत अच्छी कनेक्टिविटी की राजधानी लखनऊ बस या ट्रेन द्वारा यानी ऊपर से है।