मैसियर 81 (एन०जी०सी०3081 या बॉड की आकाशगंगा भी कहा जाता है) एक चक्रीय आकाशगंगा है जो कि सप्तर्षि तारामंडल से १,२ प्रकाश-साल से है। पृथ्वी के नज़दीक होने, इसके बड़े आकार और क्रियाशील आकाशीय नाभिक होने के कारण इसपर काफ़ी खोज की गई है। आकाशगंगा के बड़े आकार और चमकीले होने के कारण आकाश यात्रियाँ इसको देखने में काफ़ी रुचि होती है।

केन क्राफ़ॉर्ड द्वारा एम०81

खोजसंपादित करें

मैसियर 81 की खोज यॉहान इलरट बॉड ने 1774 में की थी। इसलिए यह अकाशगंगा को बोड की अकाशगंगा भी कहा जाता है। पाइरी मैकेन और चार्ल्ज़ मैसियर ने इस अकाशगंगा को एक नया पहचान देकर इसको मैसियर श्रेणी में सूचीबद्ध कर दिया।