यकीन (2005 फ़िल्म)

2005 की फ़िल्म

यकीन 2005 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है।[1] यह गिरीश धमीजा द्वारा निर्देशित है। इस फिल्म में अर्जुन रामपाल, प्रियंका चोपड़ा मुख्य भूमिकाओं में हैं जबकि किम शर्मा, सुधांशु पांडे और सौरभ शुक्ला सहायक भूमिकाओं में हैं। फिल्म की पटकथा विक्रम भट्ट ने लिखी थी।

यकीन

यकीन का पोस्टर
निर्देशक गिरीश धमीजा
लेखक विक्रम भट्ट
निर्माता सुजीत कुमार सिंह
अभिनेता अर्जुन रामपाल,
प्रियंका चोपड़ा
संगीतकार हिमेश रेशमिया
प्रदर्शन तिथियाँ
1 जुलाई, 2005
देश भारत
भाषा हिन्दी

फिल्म की शुरुआत सिमर (प्रियंका चोपड़ा) और उसके पति निखिल (अर्जुन रामपाल) के एक कार दुर्घटना से उबरने से होती है। सिमर सुरक्षित बाहर आ जाती है जबकि निखिल को मनोवैज्ञानिक भूलने की बीमारी के साथ-साथ अधिकांश शारीरिक चोट पहुचँती है। सिमर दृढ़ संकल्प लेती है कि वह अपने पति को दोबारा उबरने में मदद करेगी। छह महीने की चिकित्सा के बाद, उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है और दंपति घर लौट आते हैं। हालाँकि, जब निखिल अपने पुराने दोस्तों से मिलता है और अपनी निजी फाइलों को देखता है, तो उसे सबूत मिलता है कि उसके पिछले जीवन में सब कुछ ठीक नहीं था। अब अपनी पत्नी के असली इरादों के बारे में अनिश्चित होने पर, वह अपनी दोस्त तान्या (किम शर्मा) से मिलता है। वह उसे बताती है कि दुर्घटना की रात, उसने बेवफाई के लिए सिमर को तलाक देने की सोची थी।

निखिल चमनलाल (सौरभ शुक्ला) नाम के एक निजी अन्वेषक को काम पर रखता है। उसे पता चलता है कि आरोप सच है: सिमर का "कबीर" नाम के एक व्यक्ति के साथ चक्कर चल रहा है। निखिल चुपके से सिमर को कबीर के साथ फोन पर बात करते हुए सुन लेता है। उसमें वह जोर देकर कहती है कि उनका रिश्ता खत्म हो गया है क्योंकि उसे फिर से निखिल से प्यार हो गया है। वह आखिरी बार कबीर से मिलने के लिए सहमत हो जाती है। निखिल सिमर का पीछा करते हुए एक एकांत घर में जाता है, जहां वह सिमर और कबीर के बीच बहस देखता है। जंगल में पीछा करने के बाद, यह पता चलता है कि सिमर ने पूरी घटना रची थी: कबीर कभी भी फोन पर नहीं था और न ही घर में था क्योंकि वह पूरे समय मर चुका था। सिमर कबूल करती है कि दुर्घटना की रात निखिल ने सिमर और कबीर को एक साथ पाया था और गुस्से में आकर उसने कबीर की हत्या कर दी। सिमर निखिल को अपराध बोध से बचाना चाहती थी और उसका मानना था कि उसकी भूलने की बीमारी उनके रिश्ते को नए सिरे से शुरू करने का एक मौका है। निखिल इस पर विश्वास कर लेता है और सिमर के साथ सुलह कर लेता है।

मुख्य कलाकार

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सभी गीत समीर द्वारा लिखित; सारा संगीत हिमेश रेशमिया द्वारा रचित।

क्र॰शीर्षकगायकअवधि
1."तूने मुझको"उदित नारायण, अलका याज्ञनिक6:22
2."मेरी आँखों में"उदित नारायण, अलका याज्ञनिक6:32
3."तू ही"सोनू निगम, श्रेया घोषाल6:02
4."भूलना नहीं"शान6:23
5."चेहरा तेरा"सोनू निगम, अलका याज्ञनिक5:39
6."भूलना नहीं"सुनिधि चौहान5:41
7."मेरी आँखों में (वाद्य संगीत)"6:31
8."भूलना नहीं"शान, सुनिधि चौहान6:13
  1. "कपकपाती ठंड में साड़ी पहनकर शूट कर रही थीं प्रियंका:डायलॉग्स नहीं निकल रहे थे, गर्म पानी की बाल्टी रखी गई थी". अभिगमन तिथि 13 फरवरी 2024.

बाहरी कड़ियाँ

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