तेहरान के इमाम होसैन स्क्वायर में आशूरा का शोक
बारहबांकी (भारत) में ताजिया का जुलूस

आशूरा (अरबी: عاشوراءʻĀshūrā’, साधारण उपयोग में: /ʕa(ː)ˈʃuːraʔ/; उर्दू: عاشورا; फ़ारसी: عاشورا /ɒːʃuːˈɾɒ/; अज़ेरी: Aşura Günü or अंग्रेज़ी: Day of Remembrance) इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम की दसवीं तारिख को कहते हैं.[1]

आशूरा के दिन हज़रत मुहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके परिवार को करबला के मैदान में शहीद कर दिया गया था।[2]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "SHIITE HISTORY BELIEFS AND DIFFERENCES BETWEEN SUNNIS AND SHIITES: MUSLIM SECTS AND SUNNIS". मूल से 2 फ़रवरी 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि January 26, 2015.
  2. "Muharram". 2010-12-08. मूल से 30 दिसंबर 2012 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2010-12-08.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें