मुख्य मेनू खोलें

रामदेव जी[1] राजस्थान के एक लोक देवता हैं।बाबा रामदेव मंदिर पोखरण से लगभग 12 किमी की दूरी पर रामदेवरा नामक एक गांव में स्थित है। रामदेव जी, राजस्थान के हिंदूओं के एक आराध्य, की समाधि मंदिर में स्थित है। ऐसा माना जाता है कि राजपूत राजा और 14 वीं सदी के संत, रामदेव जी असाधारण शक्तियों के मालिक थे, जिसकी प्रसिद्धि दूर-दूर तक थी। उन्होनें अपना पूरा जीवन गरीबों और पिछड़े वर्गों की सेवा में समर्पित कर दिया था। वर्तमान में, देश के कई सामाजिक समूहों उनकी अपने इष्ट देव के रूप में पूजा करते हैं। मंदिर की वर्तमान इमारत 1931 में बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह द्वारा उस स्थान पर बनवाई गई है जहां रामदेव जी नें अपने नश्वर शरीर को त्यागा था। रामदेव जी के मुख्य शिष्यों की समाधियां भी पांच मुस्लिम पीरों की कब्रों के साथ मंदिर परिसर में स्थित है। ये पीर मक्का से यहाँ रामदेव जी, जिन्हें उनके समुदाय में 'राम शाह पीर' कहा जाता था, को श्रद्धांजलि देने के लिए आये थे। गांव के पास एक रामसर नामक पोखर स्थित है, और लोगों का मानना है कि स्वंय बाबा ने इसका निर्माण किया था। वहाँ मंदिर के आसपास के क्षेत्र में एक सीढ़ीदार कुआं स्थित है।ऐसा माना जाता है कि इसके पानी में असाधारण चिकित्सा शक्तियां है।

रामदेव जी
रुणिचा के शासक थे जो कि तंवर राजपूत थे, जिन्होंने उस जमाने में जब कोई सोच भी नहीं सकता था, तब छुआछूत मिटाने का प्रयास किया था, तथा दलितों एवम पिछड़ों के साथ गहरा संबंध स्थापित किया।
Baba Ramdevpir.jpg
उत्तरवर्तीअजमल जी
जन्मभाद्रपद शुक्लदूज वि.स. 1462
उण्डू-काश्मीर,जिला बाड़मेर
निधनवि.स. 1515
रामदेवरा
समाधि
रामदेवरा
पिताअजमल जी
मातामैणादेवी
धर्महिन्दू

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें