राष्ट्रीय सिद्ध संस्थान (National Institute of Siddha), चेन्नई में तम्बरम में स्थित सिद्ध चिकित्सा का प्रमुख संस्थान है। इस संस्थान का मुख्य उद्देश्य सिद्ध चिकित्सा प्रणाली के लिए अनुसंधान और उच्च अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराना तथा इस प्रणाली के लिए वैश्विक मान्यता प्राप्त करने में सहायता करना है। यह संस्थान उन सात शीर्ष राष्ट्र स्तरीय शिक्षा संस्थाओं में से एक है, जो भारतीय चिकित्सा पद्धतियों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देती हैं। सिद्ध चिकित्सा में अनुसंधान की एकमात्र संस्था - केन्द्रीय सिद्ध अनुसंधान परिषद (सीसीआरएस) का राष्ट्रीय मुख्यालय भी यहां पर स्थित है।

2010 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इस संस्थान को संरक्षित स्मारक घोषित कर दिया, जिसके परिणाम स्वरूप वहां स्थित मौजूदा भवनों की मरम्मत या नवीकरण पर राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण ने प्रतिबंध लगा दिया।

केन्द्रीय आयुर्वेद और सिद्ध अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस), नई दिल्ली के अंतर्गत 1978 में स्थापित सिद्धावास अनुसंधान परिषद, 2010 तक रही। मार्च, 2010 में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आयुष विभाग ने सिद्ध चिकित्सा में अनुसंधान के लिए केन्द्रीय सिद्ध अनुसंधान परिषद (सीसीआरएस) की स्थापना की, जिसके लिए तमिलनाडु और अन्य स्थानों के सिद्ध समुदाय ने काफी समय से दबाव डाल रहे थे। नई परिषद का मुख्यालय चेन्नई में बना और परिषद का अधिकृत रूप से गठन सितंबर, 2010 में हुआ।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें