लोक जीवविज्ञान (Ethnobiology) वैज्ञानिक रूप से विभिन्न मानव संस्कृतियों का अमानवीय जीवों के साथ के सम्बन्ध का अध्ययन करता है। इसमें अन्य जीवों के साथ करे गये मानव-व्यवहार, प्रयोगों, इत्यादि को देखा जाता है। मानवों का बायोटा और पर्यावरण के साथ ऐतिहासिक और वर्तमान सम्बन्ध परखा जाता है, जो कि हर संस्कृति में बदलता रहता है।[1][2]

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. POSEY, D.A & W. L. Overal (Eds.), 1990) Ethnobiology: Implications and Applications. Proceedings of the First International Congress of Ethnobiology. Belém: Museu Paraense Emílio Goeldi.
  2. BERLIN, Brent (1992) Ethnobiological Classification - Principles of Categorization of Plants and Animals in Traditional Societies. Princeton University Press, 1992.