लोहार

पारमपारिक रूप से लोहे के औजार बनाने वाला ब्यक्ति

उस व्यक्ति को लोहार कहते हैं जो लोहा या इस्पात का उपयोग करके विभिन्न वस्तुएँ बनाता है। हथौड़ा, छेनी, भाथी (धौंकनी) आदि औजारों का पयोग करके लोहार फाटक, ग्रिल, रेलिंग, खेती के औजार, कुछ बर्तन एवं हथियार आदि बनाता है।[1]

लोहार
Kovář při práci (Velikonoční trhy na Václavském náměstí) 055.jpg
लोहार का काम
व्यवसाय
व्यवसाय प्रकार
व्यवसाय
गतिविधि क्षेत्र
पेशा
विवरण
दक्षता(एं)शारीरिक शक्ति, अवधारणा
रोज़गार
का क्षेत्र
कलाकार, शिल्पकार
संबंधित काम
नालबन्द

भारत में लोहार/लोहरा एक प्रमुख व्यावसायिक जाति है।


लोहार या 'लुहार' (अंग्रेज़ी: Blacksmith) उस व्यक्ति को कहते हैं, जो लोहा या इस्पात का उपयोग करके विभिन्न वस्तुएँ बनाता है। हथौड़ा, छेनी, धौंकनी आदि औजारों का पयोग करके लोहार फाटक, ग्रिल, रेलिंग, खेती के औजार, बर्तन एवं हथियार आदि बनाता है।

  • भारत में लोहार एक प्रमुख व्यावसायिक जाति है। जाति के आधार से लोहार पिछड़े वर्ग में आता है।
  • लोहार दो भागों में विभाजित हैं-
  1. गाडिया लोहार
  2. मालविया लोहार[2]

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "blacksmith | Origin and meaning of blacksmith by Online Etymology Dictionary". www.etymonline.com (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि 2020-09-08.
  2. "लोहार - भारतकोश, ज्ञान का हिन्दी महासागर". m.bharatdiscovery.org. अभिगमन तिथि 2021-04-15.[मृत कड़ियाँ]

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें