मुख्य मेनू खोलें

ये भी स्तरी बादल ही हैं। अंतर यह है, कि इनमें हाइग्रोस्कोपिक कणों की सांद्रता ज्यादा होती है, जिसके कारण इनका रंग धूसर होता है। हाइग्रोस्कोपिक कणों पर अत्यधिक संघनन के कारण ये वर्षा करने में समर्थ हो जाते हैं।