वाचस्पति गैरोला (जन्म १९२७ -- ) संस्कृत के विद्वान तथा अनेक ग्रन्थों के रचनाकार थे। वे हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग के पाण्डुलिपि विभाग के अध्यक्ष रहे। वाचस्पति गैरोला का जन्म उत्तराखण्ड के पौड़ी में कोट विकास खण्ड में हुआ था। उन्होने 1974 में इलाहाबाद से सेवानिवृत्ति के बाद पौड़ी में स्थापित होने का निश्चय किया। यहाँ वे लम्बे समय तक बेहद सक्रिय रहे। यहाँ पर पहले-पहल उन्होंने एक छापाखाना खोला जहाँ से वे एक साप्ताहिक पत्र ‘गढ़वाल मण्डल’ निकालने लगे। उनकी अधिकांश कृतियाँ इलाहाबाद में सेवाकाल में ही निकलीं जो साहित्य, धर्म, दर्शन, कला, संस्कृति, आध्यात्म जैसे गूढ़ विषयों पर लिखी प्रमुख पुस्तकें हैं। पौड़ी में रहते हुए उनके द्वारा ‘गढ़वाल मण्डल’ पत्र का पर्यटन अंक व नेहरू स्मारिका का प्रकाशन किया गया जो अपने में उल्लेखनीय कार्य था।

कृतियाँसंपादित करें

  • संस्कृत साहित्य का इतिहास
  • संस्कृत साहित्य का संक्षिप्त इतिहास
  • कौटिल्यीयम् अर्थशास्त्रम् (हिन्दी व्याख्या सहित)
  • भारतीय धर्म-शाखाएँ और उनका इतिहास
  • भारतीय दर्शन
  • अशोकमल्ल विरचित नृत्याध्याय
  • कामसूत्र परिशीलन
  • भारतीय संस्कृति और कला
  • भारतीय चित्रकला
  • भारतीय चित्रकला का संक्षिप्त इतिहास
  • वैदिक साहित्य और संस्कृति
  • भारतीय नाट्यपरम्परा और अभिनयदर्पण
  • राजनीतिरत्नाकरः (हिन्दी व्याख्या)
  • भरतार्णव (का हिन्दी अनुवाद)
  • चाणक्यसूत्रम् (हिन्दी व्याख्या)
  • भारत के उत्तर-पूर्व सीमान्त देश : तिब्बत, नेपाल, सिक्किम, भूटान

सन्दर्भसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें