वायुवाद्य

संगीत यंत्र जिसमे एक गुजयमान यंत्र हौता है जिसमे वायु के एक स्तंभ को कंपन मे उडाने के द्वार कंपन मे सेट किया जाता है

वायुवाद्य या सुषिर वाद्य (wind instrument) संगीत में ऐसा वाद्य यंत्र होता है जो एक या एक से अधिक अनुनादक (रेज़ोनेटर) में उपस्थित वायु में कम्पन पैदा करने से धवनि उत्पन्न करे। इसमें आमतौर में एक मुहनाल बनी होती है जिस से बजाने वाला मुँह लगाकर श्वास द्वारा वाद्य को बजाता है। शहनाई, बाँसुरी, इत्यादि वायुवाद्यों की श्रेणी में आते हैं।[1][2]

आर्जेन्टीना का एरके (Erke) वाद्य

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Baines, Anthony (1961). Musical Instruments Through the Ages. Harmondsworth: Pelican.
  2. Benade, Arthur H. (1990). Fundamentals of Musical Acoustics. New York: Dover. p. 491.