वायूढ़ या वातोढ़ प्रक्रिया वायु की उस क्षमता से संबंधित है, जिसके द्वारा यह पृथ्वी या अन्य किसी ग्रह की सतह को आकार देती है। वायु पदार्थों का अपरदन, परिवहन और निक्षेपन कर सकती है और विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ वनस्पति विरल हो और जहाँ असंपिण्डित अवसादों की एक बड़ी मात्रा उपलब्ध हो वायु एक प्रभावी कारक की भूमिका निभाती है। हालांकि जल वायु की तुलना में अधिक शक्तिशाली है, पर वायूढ़ प्रक्रियायें शुष्क वातावरण जैसे कि मरुस्थल में महत्वपूर्ण हैं।

अपरदनसंपादित करें


परिवहनसंपादित करें


निक्षेपणसंपादित करें


सन्दर्भसंपादित करें