विजय जड़धारी भारत के संरक्षणवादी कार्यकर्ता हैं। वे 'बीज बचाओ आन्दोलन' के प्रणेता हैं। उन्होने 'बारहनाजा' नामक एक पुस्तक की रचना की जिस पर उन्हें गांधी शान्ति प्रतिष्ठान, नयी दिल्ली द्वारा सन् २००७ का 'प्रणवानन्द साहित्य पुरस्कार' प्रदान किया गया। वे चिपको आन्दोलन से भी सम्बद्ध रहे हैं।

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