महर्षि विट्ठल रामजी शिन्दे ( 23 अप्रैल, [1][2] 1873 – 2 जनवरी, 1944) महाराष्ट्र के सबसे बड़े समाजसुधारकों में से थे। उनका सबसे बड़ा योगदान अस्पृश्यता को मिटाना तथा दलित वर्ग को बराबरी पर लाना था।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Study books of Nathe, K'Sagar and Chanakya mandal publications.
  2. Kshīrasāgara, Rāmacandra (1994). Dalit Movement in India and Its Leaders, 1857-1956. M.D. Publications Pvt (. Ltd. पृ॰ 128. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 81-85880-43-3. अभिगमन तिथि 2008-01-07.