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→‎मुस्लिम आक्रमण: निजी मंतव्य हटाया गया, विकि युद्ध मैदान नहीं
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== मुस्लिम आक्रमण ==
विक्रमशिला विश्‍वविद्यालय बौद्ध धर्म की वज्रयान शाखा का प्रमुख केन्द्र था। यहाँ न्याय, तत्वज्ञान एवं व्याकरण की शिक्षा दी जाती थी। 12वीं शती में यह विश्वविद्यालय एक विराट् शिक्षा–संस्था के रूप में प्रसिद्ध था। इस समय में यहाँ पर तीन सहस्र विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए समुचित व्यवस्था थी। संस्था का एक प्रधान अध्यक्ष तथा छः विद्वानों की एक समीति मिलकर विद्यालय की परीक्षा, शिक्षा, अनुशासन आदि का प्रबन्ध करती थी। 1203 ई. में मुसलमानों ने जब बिहार पर आक्रमण किया, तब नालन्दा की भाँति विक्रमशिला को भी उन्होंने पूर्णरूपेण नष्ट–भ्रष्ट कर दिया। बख़्तियार ख़िलजी ने 1202-1203 ई. में विक्रमशिला महाविहार को नष्ट कर दिया था। यहाँ के विशाल पुस्तकालय को आग के हवाले कर दिया था, उस समय यहाँ पर 160 विहार थे जहां विद्यार्थी अध्ययनरतथे। इस प्रकार यह महान विश्वविद्यालय, जो उस समय एशिया भर में विख्यात था, खण्डहरों के रूप में परिणत हो गया।
नालंदा विश्विद्यालय हो या विकर्मशीला , ये भारत देश की धरोहर थी, भारत की आन बाण और शान , ये वो गौरव को महसूस करवाती है जो भारतीयों को पूर्वजो ने उनके लिए बनवाया था , जिसे मुस्लिम आक्रमणकारी ने नस्ट कर दिया , ये इस देश की बिडम्बना ही है बिडम्बना ही कहा जायेगा आज भी इस देश के लोग सेक्युलर बन कर मुस्लिमों को भाई मानता है जबकि मुस्लिमों ने भारत की धरती को छति ही पहुचाया है , देश भर में बहोत सारे मंदिर है जो इस देश की धरोहर थी उससे तोरकर मस्जिद बनवा डाला, देश की गौरव के रूप में मौजूद , नालंदा विश्विद्यालय, विकर्मशीला विश्विद्यालय, को नस्ट कर दिया अगर ये नस्ट नहीं किया गया होता तो आज भारत , ज्ञान विज्ञानं, कला संस्कृति, हर छेत्र में दुनिआ को लोहा मनवा रही होती , भारत आज भी इस ज्ञान विज्ञानं, कला संस्कृति, छेत्र में दुनिआ के सबसे पुरानी सभ्यता का प्रतिक है ,है।
मुस्लिम आक्रांताओ से जो छति भारत को हुआ वो आगे भी होता रहेगा अगर आज भी यहाँ सेकुलरिस्म बंद नहीं किया गया तो
 
== खुदाई कार्य ==
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