"चुटकुला": अवतरणों में अंतर

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:"'''स्टोरकीपर'''- चीनी यहाँ नहीं मिलती ? '''सरदार'''- हम पागल नहीं हैं, पढ़ें लिखे हैं,दवा पर लिखा है शुगर फ्री (Sugar free) चीनी तो तुम्हारा बाप भी देगा हाँ"
 
:'''मास्टर''' – सबसे ज्यादा नशा किसमें होता है?, '''बंटी''' – किताबो में, '''मास्टर''' – वो कैसे?, '''बंटी''' – किताबें खोलते ही नींद आ जाती हैं
:'''बंटी''' ने पिताजी को अपना रिजल्ट दिखाते हुए कहा – '''पिताजी''' आप बहुत किस्मत वाले हैं, '''पिताजी''' – वो कैसे?, '''बंटी''' – क्योंकि, मैं फेल हो गया हूं। अब आपको मेरे लिए नई बुकें नहीं खरीदनी पड़ेंगीं।
 
इस लतीफ़े में शुरू में पागलों के भाग उठने से तनाव पैदा होता है। और फिर लगता है के यह तो पागल है ही नहीं, इसलिए तनाव कम होता है लेकिन थोड़ा सा शक़ बना रहता है। और फिर एकदम से तनाव फिर से भड़क उठता है। किसी भी लतीफ़े में यह ज़रूरी है के तनाव का यह उतार-चढ़ाव आकस्मिक लगे, यानि जहां तनाव बढ़ने कि उम्मीद हो वहाँ उल्टा घट जाए और जहां घटने कि संभावना लगे वहां उल्टा बढ़ जाए। अच्छे चुटकुला सुनाने वाले इस तनाव के बहाव को अपने नियंत्रण में रखते हैं। कुछ लतीफ़ों में तनाव का इतना उतार-चढ़ाव नहीं होता लेकिन उनमें भी उम्मीद से कुछ विपरीत होता है जो व्यंग्यपूर्ण ढंग से चौंका जाए।
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