व्यंग्यचित्र या कार्टून दृष्य कला का एक एक रूप है। कार्टून शब्द के अर्थ में समय के साथ विस्तार होता गया है। इस समय कार्टून शब्द का प्रयोग कई अर्थों में होता है। मूल रूप में, उस आरम्भिक रेखाचित्र (ड्राइंग) को कार्टून कहते थे जो किसी पेंटिंग को तैयार करने के दौरान बनायी जाती थी। इसके बाद, आधुनिक युग में समाचार पत्र एवं पत्रिकाओं में छपने वाले हास्योदपादक रेखाचित्रों को कार्टून कहा जाने लगा। आजकल तो कई अन्य प्रकार के चित्रों एवं चलित-चित्रों (एनिमेटेड विडियो) को भी कार्टून कहा जाने लगा है।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

भारतीय व्यंग्यचित्रकार