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इस मास की ईदेंसंपादित करें

  • शब-ए-बारात - शाबान मास के १५वीं रात शब-ए-बारात कहलाती है। इस रात को इन्सानों के सारे हिसाब किताब अल्लाह के साम्ने पेष किये जाते हैं। और मुस्लिम समुदाय यह भी मानता है कि अगले साल के लिये इनसानों का रिकार्ड अल्लाह की जानिब से इसी रात लिखा जाता है।

इस महीने में महत्वपूर्ण वाक़ियेसंपादित करें

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