शाहजहां तृतीय (شاه جہان ۳) जिसे मुही-उल-मिल्लत भू कहा गया है, मुगल सम्राट थे। ये मुही उस-सुन्नत का पुत्र और मुहम्मद कम बख्श का ज्येष्ठ पुत्र था, जो औरंगज़ेब का कनिष्ठ पुत्र था। १७५९ में आलमगीर द्वितीय की मृत्यु के बाद इमाद उल मुल्क नामक ताकतवर मंत्री ने मुही-उल-मिल्लत को शाहजहां तृतीय के नाम से मुगल गद्दी पर बैठाया और आलमगीर द्वितीय का पुत्र शाह आलम द्वितीय पटना भाग गया । हालांकि १७६० में मराठा सरदार और सदाशिवराव भाऊ की सहायता से शाह आलम द्वितीय द्वारा शाहजहां तृतीय को मुगल सम्राट की गद्दी से हटा दिया गया और शाह आलम द्वितीय को मुगल सम्राट बनाया गया और इमाद उल मुल्क की तानाशाही खत्म की

मुही उल मिल्लत शाहजहां (तृतीय)
मुगल सम्राट
शासनावधि१७५९-१७६०
पूर्ववर्तीआलमगीर द्वितीय
उत्तरवर्तीशाह आलम द्वितीय
राजवंशतैमूरी

मुग़ल सम्राटों का कालक्रमसंपादित करें

बहादुर शाह द्वितीयअकबर शाह द्वितीयअली गौहरअज़ीज़ुद्दीनअहमद शाह बहादुररोशन अख्तर बहादुररफी उद-दौलतरफी उल-दर्जतफर्रुख्शियारजहांदार शाहबहादुर शाह प्रथमऔरंगज़ेबशाह जहाँजहांगीरअकबरहुमायूँइस्लाम शाह सूरीशेर शाह सूरीहुमायूँबाबर


पूर्वाधिकारी
आलमगीर द्वितीय
मुगल सम्राट
१७५९–१७६०
उत्तराधिकारी
शाह आलम द्वितीय