संध्या

भारत मे संध्या एक समय काल हैं। जो दोपहर के बाद आती है। सुबह, दोपहर, संध्या और रात ऐसे चार समय काल है।

संध्या का अर्थ शाम है।

संध्या
Evening in Parambikkulam, Kerala, India.jpg
परंबिकुलम, केरल, भारत में शाम

संध्या एक हिन्दी शब्द है।संंन्ध्या ब्रह्मा की मानस पुत्री हैं और पित्रों की माता कही गयी हैं।शिवपुराण के अनुसार पूर्वकाल की तपस्या से संन्ध्या ही कालान्तर में सप्तर्षियों में श्रेष्ठ महर्षि वशिष्ठ की पत्नी अरून्धती के रुप में सर्वश्रेष्ठ सती के रुप में तीनों लोकों में प्रसिद्ध हैं।

संन्ध्या से ही दिन और रात्रि दोनों के संधिकालों के नाम प्रातःकाल ( रात्रि और दिन का मध्य ) और सायंकाल (रात्रि और दिन का मध्य ) नाम हुए। प्रातःकाल की पूजा देवताओं का पोषण करती है तो सायंकाल की पूजा पित्रों का पोषण करती है।

उदाहरणसंपादित करें

मूलसंपादित करें

अन्य अर्थसंपादित करें

यह शब्द संस्कृत का एक संयुक्त शब्द है जिसमें संध्या, का अर्थ है “मिलन”। जिसका दिन और रात की संधि या मिलन किंवा संगम से आशय है

संबंधित शब्दसंपादित करें

हिंदी मेंसंपादित करें

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