संरक्षण, संसाधनों के उपयोग, आवंटन और संरक्षण की एक नीति है। इसका प्राथमिक उद्देश्य प्राकृतिक जगत के स्वास्थ्य को बनाए रखना है: जिसमें मत्स्य, पर्यावास और जैव विविधता शामिल है। इसका द्वितीय उद्देश्य पदार्थ और ऊर्जा का संरक्षण है, जिसकी प्राकृतिक जगत को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका है। जो व्यक्ति या संस्था इन संरक्षण नीतियों का पालन करती है और जो विशेष रूप से सरंक्षण की वकालत करते हैं और इसके उद्देश्यों के लिए काम करते हैं, संरक्षणवादी कहलाते हैं।

बोलिविया की टियरास बाजास परियोजना के परिणामस्वरूप होते निर्वनीकरण को दर्शाता उपग्रह चित्र

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