सत्यमेव जयते

भारत राष्ट्र का आदर्श वाक्य
भारत का राष्ट्रीय चिह्न

सत्यमेव जयते (संस्कृत विस्तृत रूप: सत्यं एव जयते) भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य है।[1] इसका अर्थ है : सत्य ही जीतता है / सत्य की ही जीत होती है। यह भारत के राष्ट्रीय प्रतीक के नीचे देवनागरी लिपि में अंकित है। यह प्रतीक उत्तर भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश में वाराणसी के निकट सारनाथ में 250 ई.पू. में सम्राट अशोक द्वारा बनवाये गए सिंह स्तम्भ के शिखर से लिया गया है, लेकिन उसमें यह आदर्श वाक्य नहीं है। 'सत्यमेव जयते' मूलतः मुण्डक-उपनिषद का सर्वज्ञात मंत्र 3.1.6 है।[1] पूर्ण मंत्र इस प्रकार है:

सत्यमेव जयते नानृतम सत्येन पंथा विततो देवयानः।
येनाक्रमंत्यृषयो ह्याप्तकामो यत्र तत् सत्यस्य परमम् निधानम्॥[2]

'सत्य' की ही विजय होती है असत्य की नहीं; 'सत्य' के द्वारा ही देवों का यात्रा-पथ विस्तीर्ण हुआ, जिसके द्वारा आप्तकाम ऋषिगण वहां आरोहण करते हैं जहाँ 'सत्य' का परम धाम है।

सत्यम् एव - satyam eva - it is Truth | जयते - jayate - that conquers | न अनृतम् - na anṛtam - not falsehood | सत्येन - satyena - by Truth | देवयानः पन्थाः - devayānaḥ panthāḥ - the path of the journey of the gods | विततः - vitataḥ - was stretched out | येन हि - yena hi - by which | आप्तकामाः - āptakāmāḥ - winning their desire | ऋषयः - ṛṣayaḥ - the sages | तत् आक्रमन्ति - tat ākramanti - ascend that or there | यत्र - yatra - where | सत्यस्य परमम् निधानम् - satyasya paramam nidhānam - Truth has its supreme abode |

'सत्यमेव जयते' को राष्ट्रपटल पर लाने और उसका प्रचार करने में मदन मोहन मालवीय (विशेषतः कांग्रेस के सभापति के रूप में उनके द्वितीय कार्यकाल (१९१८) में) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

चेक गणराज्य और इसके पूर्ववर्ती चेकोस्लोवाकिया का आदर्श वाक्य "प्रावदा वीत्येज़ी" ("सत्य जीतता है") का भी समान अर्थ है। Kk

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Department related parliamentary standing committe on home affairs (2005-08-25). One hundred and sixteenth report on the state emblem of India (Prohibition of improper use) Bill, 2004. नई दिल्ली: Rajya Sabha Secretariat, नई दिल्ली. p. 6.11.1. http://164.100.47.5/book2/reports/home_aff/116threport.htm. अभिगमन तिथि: 2008-09-26 
  2. Sanskrit Documents. "muṇḍakopaniṣat".

इन्हें भी देखेंसंपादित करें