Shubham mour
नाम शुभम मौर
लिंग पुरुष
जन्म तिथि ०७ जुलाई १९९७
जन्म स्थान बहादुरगंज
निवास स्थान बिहार
देश  भारत
नागरिकता भारतीय
जातियता भारतीय
शिक्षा तथा पेशा
पेशा छात्र
विश्वविद्यालय क्राइस्ट यूनिवर्सिटी
शौक, पसंद, और आस्था
शौक संगीत सुनना, किताब पढना,खेलना,घुमना,
धर्म हिन्दु
राजनीती स्वतंत्र
चलचित्र तथा प्रस्तुति थ्री ईडियट्स
नमस्ते,
           मेरा नाम शुभम मौर है! मेरा जन्म बिहार राज्य के बहादुरगंज नामक गाँव में हुआ ! बचपन से ही बहुत शरारती था,जिस कारण मुझे होस्टल भेजने की होड़ लगी रहती थी! लाडला बेटा होने के कारण मेरी होस्टल जाने कि अवधि टलटी रही लेकिन आखिरकार मुझे होस्टल पाँचवी कक्षा में भेजा गया! शुरुआत में धबराता था लेकिन बाद में उस माहौल में रहने कि आदत हो गयी ! सब का चहिता था इसलिए सब मुझे मौर,मौरे,दिल माँगे मौर या फिर मौरया बुलाते थे ! मेरा नाम शुभम कम मौर ज्यादा है ! दिन गुजरते गये और में अपनी गलती सें सबक सिखता गया! पता ही नहीं चला कि कब बड़ा हो गया ! दसवीं कक्षा के बोडॅ के दिनों रोता था लेकिन परिणाम जानने के बाद इतनी खुशी हुई कि में सारे रोने वाले दिन भूल गया ! मुझे किक्रेट,शंतरज खेलने,चित्रकथायें पद़नें तथा गानें सुनने का बड़ा शौक है ! बारहवीं कक्षा में अच्छे परिणाम आने के कारण ही अभी में बी.कोम ऑनर्स बेंगलुरु के क्राइस्ट यूनवर्सिटी से कर रहा हूँ ! हँसना,हँसाना मुझे बहुत पसन्द है ! 
           मेरे पापा महेश मौर स्टील के विक़य प्रबंधक है जिनका मानना है कि हमारी ज़िन्दगी ही भगवान का दिया वा सबसे बड़ा उपहार है ! मेरी माँ गृहिणी है जिनकी हमारे प्रति ममता अपार है ! मेरे एक भाई और एक बहन भी है जिन्हें उनके सपने पुरे करने कें लिये होस्टल भेज दिया गया है! 
           मुझे सबसे ज्यादा खुशी तब मिलती है जब में किसी के चेहरे में हँसी ला पाता हूँ ! मेरा मानना है कि ज़िन्दगी बहुत छोटी है इसमें उदास रहनें से कुछ नहीं होगा बल्कि उस तकलीफ का हमें हसँते हुए सामना करते हुए उसे सहीं रास्ता प्रदान करना चाहिए और वो रास्ता है खुशी का,सच्चाई का,प्यार का! जीवन में आगे और पद़ना चाहता हूँ ! एक काबिल मनुष्य बनके अपने माता-पिता की सेवा करना चाहता हूँ !
            खुश रहो,अबाद रहो
              मदद करो,छोटी सोच से दूर रहो !!"'
                                                  अलविदा आगे ओर लिखता रहूँगा !