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सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी

सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (देवनागरी: सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी) भारतीय पुलिस सेवा (Indian Police Service (IPS)) अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए भारतीय राष्ट्रीय संस्थान है[1]. इस प्रशिक्षण के बाद इन अधिकारियों को उनकी ड्यूटी करने के लिए सम्बंधित भारतीय राज्य कैडर (उच्च प्रशिक्षण प्राप्त सैनिकों, कर्मचारियों का समूह) में भेज दिया जाता है। यह अकादमी हैदराबाद, भारत में स्थित है।

Sardar Vallabhbhai Patel National Police Academy
संक्षेपाक्षर SVPNPA
स्थापना September 15, 1948
प्रकार Government agency
उद्देश्य Officer Training
मुख्यालय Ministry of Home Affairs, New Delhi
स्थान
क्षेत्र served
India
सदस्यता
Indian Police Service officers
Director General
Sh. Rajeev Kumar Mathur, IPS
पैतृक संगठन
Government of India
स्टाफ़
427
जालस्थल http://www.svpnpa.gov.in/

[2]

अनुक्रम

इसके बारे मेंसंपादित करें

देश का प्रमुख पुलिस प्रशिक्षण संस्थान. भारतीय पुलिस सेवा (IPS) -सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (NPA), हैदराबाद की हरी भरी पहाड़ियों के बीच स्थित है। राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (NPA), भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों को प्रशिक्षण देती है, जिनका चयन पूरे भारतवर्ष में संचालित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा (Civil Services Examination) के माध्यम से किया जाता है। प्रशिक्षित अधिकारियों को उनके राज्यों में सहायक पुलिस अधीक्षक (Assistant Superintendent of Police (ASP)) के पद पर नियुक्त किया जाता है, पुलिस बल के अन्य उप-पदों पर तैनात कर्मचारी इनके नेतृत्व में काम करते हैं। प्रत्येक राज्य में उप-पदों जैसे कांस्टेबल, सब-इन्स्पेक्टर, इन्स्पेक्टर की भर्ती उस राज्य का विशेषाधिकार है और इसे संबंधित राज्य के पुलिस महानिदेशकों के द्वारा किया जाता है।

आईपीएस कैडर का नियंत्रण भारत सरकार के गृह मंत्रालय के द्वारा किया जाता है और इस सेवा के किसी भी अधिकारी को नियुक्त करने या किसी अधिकारी को उसके पद से हटाने का अधिकार केवल भारत के राष्ट्रपति के पास ही होता है।

आईपीएस अधिकारियों के आधारभूत प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के अलावा अकादमी भारतीय पुलिस सेवा के पुलिस अधीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक और इंस्पेक्टर जनरल स्तरों के लिए 3 प्रबंधन विकास कार्यक्रमों का भी संचालन करती है; देश में विभिन्न पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के प्रशिक्षकों के लिए प्रशिक्षक पाठ्यक्रम का प्रशिक्षण; राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों के लिए आईपीएस प्रेरण प्रशिक्षण पाठ्यक्रम; और पुलिस अधिकारियों के सभी स्तरों के लिए पेशेवर विषयों पर छोटे विशिष्टीकृत विषयगत पाठ्यक्रम, सेमीनार और कार्यशालाएं. विदेशी पुलिस अधिकारी और सेना/ आईएएस / आईएफएस / न्यायपालिका, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, राष्ट्रीयकृत बैंकों, बीमा कंपनियों आदि से सम्बंधित अधिकारी भी समय समय पर यहां संचालित किये जाने भिन्न विशिष्टीकृत पाठ्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं।

आईपीएस अधिकारियों के लिए पुलिस विषयों पर पाठ्यक्रमों का संचालन करने के लिए, यह अकादमी, ओस्मानिया विश्वविद्यालय से सम्बद्ध है।

इतिहाससंपादित करें

इस अकादमी की स्थापना 15 सितम्बर 1948 को की गयी थी। इसका नाम भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर दिया गया। सरदार वल्लभ भाई पटेल ही वे व्यक्ति थे जिन्होंने ऑल इण्डिया सर्विसेज़ का निर्माण किया और आईपीएस अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए एक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना भी की।

राष्ट्रपति ध्वजसंपादित करें

अकादमी की उत्कृष्ट उपलब्धियों तथा राष्ट्र के लिए इसकी सेवाओं के कारण, अकादमी को 15 सितम्बर 1988 को इसकी 40 वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति ध्वज से सम्मानित किया गया।

मिशन वक्तव्यसंपादित करें

  • अकादमी का प्राथमिक उद्देश्य भारतीय पुलिस के लिए अग्रणी लीडर तैयार करना है, जो लोगों के प्रति प्रबल सेवा भाव, समर्पण, साहस और उत्साह के साथ सेना की कमान संभाल सकें/ उसका नेतृत्व कर सकें.


  • अकादमी उनमें ऐसे मूल्यों का विकास करने का प्रयास करेगी, जो उन्हें लोगों के लिए बेहतर सेवाएं प्रदान करने के योग्य बनायें.

विशेष रूप से, यह तेजी से बदलते हुए सामाजिक और आर्थिक परिवेश के साथ, उनमें उच्च स्तरीय अखंडता, लोगों की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशीलता उत्पन्न करने का प्रयास करेगी, साथ ही मानव अधिकारों का सम्मान, कानून और न्याय के प्रति अधिक उदार परिप्रेक्ष्य, पेशेवर होने के उंचे मानक, शारीरिक फिटनेस और मानसिक सतर्कता जैसे गुणों का विकास भी उनमें किया जायेगा.

  • यह अकादमी पूरे देश में पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए एक केंद्र बिंदु होगी और यह अपने शाखा प्रशिक्षण संस्थानों के प्रशिक्षण के प्रबंधन स्तर में सुधार लाने के लिए परामर्श सेवाएं भी प्रदान करेगी।
  • अकादमी पुलिस विषयों पर अनुसंधान अध्ययन के लिए एक केंद्र होगी और देश के भीतर और बाहर इसी प्रकार के संस्थानों के साथ सम्बन्ध बनाते हुए अपने संसाधन आधार का विस्तार करेगी।

संगठनसंपादित करें

अकादमी का नेतृत्व एक निदेशक, पुलिस महानिदेशक रैंक के एक आईपीएस अधिकारी या कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (राज्य) के द्वारा किया जाता है। नेतृत्व की इस प्रक्रिया में इन्स्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस या जोइंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस के रैंक के एक संयुक्त निदेशक, पुलिस महानिरीक्षक या अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के रैंक के 3 उप निरीक्षक तथा 13 सहायक निदेशक सहायता प्रदान करते हैं।

13 सहायक निदेशकों में राज्य कैडर से पुलिस अधीक्षक की रैंक के 8 आईपीएस/एसपीएस अधिकारी. एक फोरेंसिक वैज्ञानिक, एक न्यायिक सेवा अधिकारी और कम्प्यूटर्स और वायरलेस प्रत्येक की प्रशिक्षण विधियों में एक एक विशेषज्ञ शामिल हैं। निर्धारित संकाय वर्ग में एक प्रबंधन अधिकारी, व्यवहारिक विज्ञान का एक रीडर, शिक्षण विधियों का एक रीडर, चिकित्सकीय अधिकारी, जूनियर वैज्ञानिक अधिकारी, हिंदी प्रशिक्षक, फोटोग्राफिक अधिकारी और प्रमुख ड्रिल प्रशिक्षक शामिल होते हैं। सहायक स्टाफ में प्रशासनिक, मंत्रालयी और चिकित्सकीय स्टाफ तथा ग्रुप डी के अन्य कर्मचारी शामिल हैं।

अकादमी बोर्डसंपादित करें

एक उच्च स्तरीय अकादमी बोर्ड में सदस्यों के रूप में वरिष्ठ नागरिक/पुलिस अधिकारी, प्रख्यात शिक्षाविद् आदि शामिल हैं, जिनका नेतृत्व केन्द्रीय गृह सचिवालय के द्वारा किया जाता है। बोर्ड समय-समय पर अकादमी में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों की प्रशिक्षण विधियों और इनके पाठ्यक्रमों की समीक्षा करता है।

यह भी देखें.संपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

बाहरी कडियांसंपादित करें