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12713 (BZA-SC) Satavahana Express at Vijayawada


< सहारनपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन सहारनपुर शहर का रेलवे स्टेशन है। इसकी ऊंचाई 276 मीटर है।


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उत्तरी रेलवे ने (जिसके अन्तर्गत सहारनपुर आता है) सहारनपुर को सहारनपुर जंक्शन नाम दिया है। सच, सहारनपुर एक जंक्शन ही तो है! जंक्शन भिन्न - भिन्न रेल व सड़क मार्गों का; जंक्शन गंगा - यमुनी तहज़ीब का; जंक्शन भिन्न-भिन्न धर्मावलंबियों का; जंक्शन प्राचीनतम और अत्याधुनिक का; जंक्शन उ.प्र., उत्तराखण्ड, हरियाणा, पंजाब और हि.प्र. का।

मुम्बई - हावड़ा तथा मुम्बई- अमृतसर भारत के विभिन्न छोरों को जोड़ने वाले प्रमुख रेलमार्ग हैं जो सहारनपुर से होकर निकलते हैं। सहारनपुर से न केवल मुम्बई, दिल्ली, कोलकाता, अमृतसर, लखनऊ, अहमदाबाद, ओखा, जम्मू तावी, देहरादून और चण्डीगढ़ आदि के लिये रेलगाड़ियां सुलभ हैं अपितु एक ब्रांच लाइन शामली, बड़ौत, बागपत होते हुए शाहदरा - दिल्ली से भी मिलाती है।

सहारनपुर में एक और रेलवे स्टेशन भी है - टपरी ! दोनों स्टेशनों के बीच का अंतर लगभग 5 किमी है। देहरादून और दिल्ली को जोड़ने वाली कुछ महत्वपूर्ण ट्रेन टपरी में रुकती हैं और सहारनपुर वासियों को मुंह चिढ़ाते हुए लूप लाइन के सहारे सीधे देहरादून की ओर मुड़ जाती हैं। ऐसी ही एक लूप लाइन लक्सर से पहले भी बना दी गई है ताकि देहरादून जाने-आने वाली महत्वपूर्ण रेलगाड़ियां लक्सर स्टेशन का प्रयोग करने के लिये विवश न हों। (जब तक यह लूप लाइन नहीं थीं, रेलगाड़ियों को लक्सर व सहारनपुर स्टेशनों पर दिशा बदलने हेतु इंजन को हटा कर दूसरे सिरे पर लगाना पड़ता था जिसमें आधा घंटा अतिरिक्त लग जाता था।)

टपरी स्टेशन पर उतरना - चढ़ना स्वयं में कोई समस्या नहीं है। समस्या है तो सिर्फ ये कि यदि आपका कोई संबंधी या मित्र टपरी स्टेशन से उतर कर आने वाला हो तो आपको अपने वाहन से उसे लेने जाना पड़ेगा। इस मार्ग पर केवल तीन पहिया वाले टेंपो चलते हैं, (एक दो मास पहले तक सड़क के नाम पर भी सिर्फ गढ्ढे ही गढ्ढे थे)। तीन-चार टैंपो में जब पूरी ट्रेन की सवारियां एडजस्ट होना चाहेंगी तो आप सहज ही कल्पना कर सकते हैं कि क्या दशा होगी! सहारनपुर के लोग टपरी-सहारनपुर मार्ग को सुविधा-सम्पन्न बनाने के स्थान पर रेलवे विभाग से लड़ते-भिड़ते रहते हैं कि इन ट्रेनों को टपरी में न रोक कर सहारनपुर स्टेशन तक लाया जाये!