सुपौल (Supaul) भारत के बिहार राज्य के सुपौल ज़िले में स्थित एक नगर है। यह ज़िले का मुख्यालय भी है।[1][2] MP Board 12th Blueprint 2023 Archived 2022-12-09 at the वेबैक मशीन Bihar Board 12th Model Paper 2023 Archived 2022-12-09 at the वेबैक मशीन MP Board 10th Blueprint 2023 Archived 2022-12-09 at the वेबैक मशीन

सुपौल
Supaul
सुपौल is located in बिहार
सुपौल
सुपौल
बिहार में स्थिति
निर्देशांक: 26°07′34″N 86°36′18″E / 26.126°N 86.605°E / 26.126; 86.605निर्देशांक: 26°07′34″N 86°36′18″E / 26.126°N 86.605°E / 26.126; 86.605
देश भारत
प्रान्तबिहार
ज़िलासुपौल ज़िला
शासन
 • प्रणालीनगरपालिका परिषद
 • सभासुपौल नगरपालिका परिषद
ऊँचाई34 मी (112 फीट)
जनसंख्या (2011)
 • कुल65,437
भाषा
 • प्रचलितहिन्दी, मैथिली
समय मण्डलभामस (यूटीसी+5:30)
पिनकोड852131
दूरभाष कोड06473
वाहन पंजीकरणBR-50

सुपौल जिला वर्तमान सहरसा जिले से 14 मार्च 1991 में विभाजित होकर अस्तित्व में आया। सहरसा फारबिसगंज रेलखंड पर सुपौल जिला स्थित है। सांस्कृतिक रूप से यह काफी समृद्ध जिला है। नेपाल से करीब होने के कारण यह सामरिक रूप से काफी महत्त्वपूर्ण है। क्षेत्रफल के अनुसार यह कोसी प्रमंडल का सबसे बड़ा जिला है। बीरपुर, त्रिवेणीगंज, निर्मली, सुपौल आदि इसके अनुमंडल है। पर्यटन स्थलों में सुपौल के समीप सुखपुर में तिल्हेश्वरनाथ महादेव मंदिर हरदी मे वन दुर्गा, संत मनु बाबा मंदिर, गणपतगंज का विष्णु मंदिर, धरहरा का भीमशंकर महादेव मंदिर, वीरपुर में कोसी बैराज, ललितेश्वरनाथ मंदिर(बलुआ बाजार), अनंतविष्णु मंदिर(नाथपट्टी-तुलसीपट्टी), हुलास का दुर्गा महादेव मंदिर, तिनटोलिया का दुर्गा स्थान, प्रतापगंज दुर्गा स्थान आदि प्रमुख हैं। उदित नारायण का जन्म स्थल बायसी का काली मंदिर विख्यात हैं। धान, गेहूं, मक्का, मूंग, पटसन, केला आदि की पैदावार ज्यादा की जाती है। विश्वविख्यात बॉलीवुड गायक उदित नारायण झा का नौनिहाल, बायसी गाँव, भी सुपौल जिला में ही है, जो उनका जन्म स्थान भी है। सुपौल जिला लोकगायिका शारदा सिन्हा, भारत सरकार में केबिनेट मंत्री रहे ललित नारायण मिश्र, बिहार के भूतपूर्व मुख्यमंत्री डा• जगन्नाथ मिश्र, भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन जैसे कई विशिष्ट व्यक्तित्व के रूप में मशहूर हैं। ललित बाबू के पिता श्री राजेन्द्र मिश्र भी स्वतंत्रता सेनानी तथा बिहार कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में प्रसिद्ध हुए। यहीं के बायसी ग्राम में जन्मे उदित नारायण झा बॉलीवुड के संगीत जगत में छाए हुए हैं। सरायगढ़ जंक्शन यहां का सबसे बड़ा जंक्शन है और कोसी महासेतु बनने के बाद इस क्षेत्र में काफी प्रगति हुई है वर्तमान में यह बड़ी रेल लाइन एवं फोर लेन सड़क मार्ग से जुड़ने के बाद पटना, दरभंगा, सहरसा और फोर्ब्सगंज से सीधे जुड़ गया है और निरन्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर है सिमराही बाजार यहां का सबसे बड़ा और प्रगतिशील बाजार है! सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सुपौल जिले का लीड बैंक है और जिले में इसकी 15 शाखाएं कार्यरत है।

सुपौल प्राचीन काल में मिथिला राज्य का हिस्सा था। बाद में मगध तथा मुगल सम्राटों ने भी राज किया। ब्रिटिश काल में सुपौल के प्रशासनिक और सामरिक महत्व देखते हुए 1870 में इसे अनुमंडल का दर्जा दिया गया। अनुमंडल बनने के करीब 121 वर्षों के बाद सुपौल को 1991 में जिला बनाया गया। यह जिला अब विकास की नई नई बुलंदियों की ओर जा रहा है।

रणधीर प्रसाद वर्मा भारतीय पुलिस अफसर थे जिनका धनबाद में एक बैंक डकैती को रोकते समय निधन हो गया था। उन्हें वीरता के लिए मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। भारत सरकार ने उनके सम्मान में सन् २००४ में स्मारक डाक टिकट भी जारी किया था।[1]

उनका जन्म बिहार के सुपौल जिले (पूर्व सहरसा जिला) के जगतपुर नामक गाँव में हुआ। उनकी शिक्षा सेंट जॉन हाई स्कूल तथा पटना कॉलेज में हुई। वो १९७४ में भारतीय पुलिस सेवा से जुड़े। पुलिस अफसर के रूप में उन्होंने विभिन्न आपराधिक गिरोहों का सफाया किया।

  • सुपौल ज़िला अधिवक्ता मोहम्मद शैफ अली प्रिंस पिता मो हैदर अली पिता महरूम गुलाम नबी सहाव है
  1. "Bihar Tourism: Retrospect and Prospect Archived 2017-01-18 at the वेबैक मशीन," Udai Prakash Sinha and Swargesh Kumar, Concept Publishing Company, 2012, ISBN 9788180697999
  2. "Revenue Administration in India: A Case Study of Bihar," G. P. Singh, Mittal Publications, 1993, ISBN 9788170993810