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सेक्रेड गेम्स नेटफ्लिक्स वेब सीरीज है।[1] सैफ अली खान और नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी अभिनीत यह वेब सीरीज 6 जुलाई 2018 को रिलीज हुई थी।[2][3] फिल्म में कुब्रा सैत ने एक किन्नर की भूमिका निभाई है।[4][5] यह सीरीज विक्रम चंद्रा के 2006 के उपन्यास 'सैक्रेड गेम्स' पर आधारित है।[6] इस थ्रिलर सीरीज को अनुराग कश्यप और विक्रामादित्य मोटवाणे ने डायरेक्ट किया है।[7] अनुराग ने जहां नवाजुद्दीन सिद्दीकी से सम्बंधित दृश्यों का, वहीं दूसरी ओर विक्रमादित्य ने सैफ से सम्बंधित दृश्यों का निर्देशन किया है।

सेक्रेड गेम्स
चित्र:Sacred Games Title.png
शैली क्राइम
थ्रिलर
लेखक
  • स्मिता सिंह
  • वसन्त नाथ
  • वरुण ग्रोवर
निर्देशक
सितारे
संगीत निर्देशक अलोकनन्द दासगुप्ता
निर्माण का देश भारत
भाषा(एं) हिंदी
सत्र संख्या 1
प्रकरणों की संख्या 8
निर्माण
कार्यकारी निर्माता
  • केली लुएगीएंबेहल
  • एरिक बरमक
  • विक्रामादित्य मोटवाणे
संपादक आरती बजाज
स्थल भारत
छायांकन
  • स्वप्निल सोनावणे
  • सिल्वेस्टर फोंसेका
  • असीम बजाज
निर्माण कंपनी फैंटम फिल्म्स
वितरक नेटफ्लिक्स
प्रसारण
मूल चैनल नेटफ्लिक्स
6 जुलाई 2018 (2018-07-06)
बाह्य सूत्र
आधिकारिक जालस्थल

कहानीसंपादित करें

सरताज सिंह एक पुलिस निरीक्षक है जो अपने मृत पिता की छाया के नीचे रहता है और पुलिस बल से सत्यापन मांगता है, फिर भी वह भ्रष्टाचार के लिए इंतजार कर रहा है। जब सिंह गणेश गायतोंडे के ठिकाने के बारे में अज्ञात टिप ऑफ प्राप्त करते हैं, एक कुख्यात अपराधी भगवान 16 साल से गुम हो गया है, तो यह घटनाओं की एक श्रृंखला शुरू करता है जो भारत के अंधेरे अंडरवर्ल्ड में गहराई से उगता है।

कलाकारसंपादित करें

प्रसंगसंपादित करें

No.TitleDirected byWritten by [8]Original air date [9]
"अश्वत्थामा" विक्रमादित्य मोटवाने तथा अनुराग कश्यपवरुण ग्रोवर६ जुलाई २०१८
किसी समय कुख्यात गैंगस्टर रहा गणेश गायतोंडे एक अज्ञात महिला की गोली मार कर हत्या कर देता है, जो किसी रहस्य को २० सालों तक उससे छुपाने पर उसका उपहास करती है। दूसरी तरफ, एक बंदूकधारी व्यक्ति एक रेस्तरां में प्रवेश करता है, और वहां उपस्थित लगभग हर व्यक्ति को मार देता है। एक ईमानदार पुलिसकर्मी सरताज सिंह एक किशोर से संबंधित विभागीय जांच का सामना कर रहा है, जो उसके वरिष्ठ अधिकारी, पारुलकर के हाथों एक मुठभेड़ में मारा गया था। उसी शाम को, सरताज को गणेश गायतोंडे की एक कॉल प्राप्त होती है, जो उसे एक सरल ब्राह्मण का बेटा होने से लेकर ८० के दशक में मुंबई के सबसे कुख्यात गैंगस्टर बनने की अपनी यात्रा का वर्णन शुरू करता है। उसकी असली पहचान से अनजान, सरताज उसे तब तक नज़रअंदाज़ करता रहता है, जब तक वह बातचीत में सरताज के पिता, कांस्टेबल दिलबाग सिंह का नाम नहीं ले लेता। रॉ भी इस पूरे वार्तालाप को सुन रहा होता है। सरताज गणेश गायतोंडे को ट्रैक करते हुए किसी मॉल के एक छोटे से लेकिन सुरक्षित गोदाम में पहुँचता है, और बुलडोजर के माध्यम से दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश करता है। जैसे ही वह गणेश गायतोंडे के सामने आता है, गणेश उसे बताता है कि मुंबई २५ दिनों में नष्ट हो जाएगी, और त्रिवेदी को छोड़कर कोई नहीं बच पाएगा। इसके बाद गणेश खुद को गोली मार देता है। 
"हलाहल" विक्रमादित्य मोटवाने तथा अनुराग कश्यपस्मिता सिंह६ जुलाई २०१८
फोरेंसिक टीम अपराध स्थल की जांच शुरू करती है; रॉ एजेंट अंजलि माथुर भी वहां का दौरा करती है। पारुलकर और रॉ एजेंट सरताज का बयान लेते हैं। बाद में, पारुलकर उस किशोर के मुठभेड़ की जांच में सहायता न करने के लिए सरताज को निलंबित कर देता है। अंजलि सरताज के विश्लेषणात्मक कौशल से प्रभावित होकर उसे अपराध स्थल में मृत प्राप्त महिला के बारे में और जानने के लिए कहती है। इसी बीच, गृह मंत्री बिपिन भोसले गायतोंडे की मृत्यु की खबर से हिल जाता है; वह पारुलकर से इस प्रकरण का विवरण मांगता है, और उसे पल पल की खबरें देते रहने का आदेश देता है। जोया मिर्जा नाम की एक अभिनेत्री भी इस खबर से सकते में है। सरताज अपराध स्थल का फिर से दौरा करता है, और मृत महिला के हाथ में देखी गई एक कार की चाबी चुरा लेता है। वह लाइसेंस प्लेट के माध्यम से कार और उसके स्वामी का पता लगाता है। मृत महिला का नाम जोजो मेस्करेनस है, जो एक कास्टिंग एजेंट है, और संघर्षरत अभिनेत्रियों की दलाली करती है। उसके घर की जांच करने पर सरताज को नकली मुद्राओं का एक बड़ा ढेर मिलता है, जिसके बारे में वह अंजलि को सूचित करता है। समानांतर में, गणेश के जीवन का वर्णन जारी है। दर्शकों को बंटी से अवगत कराया जाता है, जो गहरी सांप्रदायिक घृणा से भरा एक छोटा सा अपराधी है, और गायतोंडे के प्रति बहुत वफादार है। बंटी हमेशा छोटा बदरिया से झगड़ता रहता है, क्योंकि वह एक मुसलमान है, और बंटी की बहन के साथ रिश्ते में है। 
"आतापि वातापी" विक्रमादित्य मोटवाने तथा अनुराग कश्यपस्मिता सिंह६ जुलाई २०१८
बंकर में मिली मृत महिला, जोजो मस्करेनस (सुरवीन चावला), सरताज को गायतोंडे के साथी, बंटी (जतिन सरना) तक पहुंचाती है। दूसरी तरफ, एक मोबाइल को ट्रैक करते हुए अंजली उस रेस्तरां में ​​पहुंचती है, जहां प्रथम प्रसंग में गोलीबारी हुई थी, और ८० के दशक से गायतोंडे के सहयोगी रहे माथू को जीवित पाती है। वह वृद्ध माथू को अस्पताल ले जाती है, जहाँ एक अज्ञात हत्यारा जहरीले इंजेक्शन के माध्यम से सफलतापूर्वक उसकी हत्या कर देता है। इसी बीच, सरताज एक टीवी अभिनेत्री, नयनिका के सम्पर्क में आता है। आवर्ती फ्लैशबैक में, गायतोंडे अपने दुश्मन, सुलेमान ईसा के पास से एक भाग्यशाली आकर्षण, कुक्कू (कुबरा सैट) को चुरा लेता है, और मुंबई का कुख्यात गैंगस्टर बनने की अपनी यात्रा प्रारम्भ करता है। 
"ब्रह्महत्या" विक्रमादित्य मोटवाने तथा अनुराग कश्यपवसंत नाथ६ जुलाई २०१८
रॉ की सहायता से नयनिका (गीतांजलि थापा) गायतोंडे के साथ उसके रिश्तों को उजागर करने के लिए एक छिपे हुए कैमरे के साथ बंटी के पास जाती है, जहाँ वह पकड़ी जाती है। बंटी सरताज को भी कैद कर देता है, लेकिन बाद में उसे एक चेतावनी देकर छोड़ देता है। ८० के दशक के मध्य में, गायतोंडे ने अब ड्रग और बंदूकों की तुलना में एक और भी शक्तिशाली रैकेट खोज लिया है: राजनीति। नेता, बिपिन भोसले के पक्ष में चुनावों को प्रभावित करने के लिए वह उससे ५० लाख रुपये लेता है। इस बीच, कुक्कू के साथ उसका रिश्ता काफी आगे बढ़ चुका है, और वह विभिन्न कॉर्पोरेट योजनाओं के माध्यम से अपने काले धन को सफेद करने की कोशिशों में भी लगा है। 
"सरमा" विक्रमादित्य मोटवाने तथा अनुराग कश्यपवसंत नाथ६ जुलाई २०१८
अंजलि द्वारा नयनिका की लगातार उपेक्षा से निराश होकर सरताज स्वयं उस टीवी अभिनेत्री को बचाने की कोशिश करता है, और इस प्रक्रिया में बंटी को पकड़ने के लिए रॉ की बनायी योजनाओं में बाधा डाल देता है। १९९२ में, दूसरी तरफ, राजनीतिक अशांति बढ़ने के कारण गायतोंडे और ईसा की शत्रुता बढ़ती रहती है। 
"प्रेतकल्प" विक्रमादित्य मोटवाने तथा अनुराग कश्यपस्मिता सिंह६ जुलाई २०१८
जब सरताज के कांस्टेबल, काटेकर (जितेंद्र जोशी) पर एक मुस्लिम झोपड़पट्टी के एक युवा व्यक्ति से संबंधित एक प्रकरण की जांच करने का दबाव डाला जाता है, जो कई दिनों पहले गुम हो गया था, तो वह उस लड़के, और पास की एक दुकान में हुई चोरी के बीच संबंध ढूंढ लेता है। हालाँकि बाद में उसकी मृत्यु हो जाती है। 
"रूद्र" विक्रमादित्य मोटवाने तथा अनुराग कश्यपवसंत नाथ६ जुलाई २०१८
गायतोंडे की पत्नी, सुभद्रा (राजश्री देशपांडे) की हत्या हो जाती है, जिससे क्रोधित होकर गायतोंडे हिंसक रास्ता अपनाता है, और सारे मुसलमानों की हत्या करता दिखता है। सरताज और अंजली, दूसरी तरफ इस प्रकरण के सभी छूटे बिंदुओं को मिलाने की उम्मीद करते हुए मिलकर यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि त्रिवेदी कैसे इन २५ दिनों के बाद जीवित बचने वाला एकमात्र व्यक्ति होगा। इस प्रक्रिया में एक ईजीप्टो-इंडियन व्यक्ति त्रिवेदी के घर में अंजलि को मार देता है। 
"ययाति" विक्रमादित्य मोटवाने तथा अनुराग कश्यपवरुण ग्रोवर६ जुलाई २०१८
गायतोंडे के बताये खतरे से मुंबई को बचाने के लिए, सरताज यह पता लगाने में जुट जाता है कि आखिर गायतोंडे का तीसरा पिता कौन है, और २५वें दिन उसकी क्या करने की योजना है। उसकी यह खोज उसे लकड़ी के बक्से के अंदर लपेटकर रखे हुए खतरनाक हथियारों से भरे एक बड़े कमरे में ले जाती है। 

निर्माणसंपादित करें

नेटफ्लिक्स के उपाध्यक्ष, एरिक बार्माक, विक्रम चन्द्रा के २००६ के अपराध उपन्यास, सेक्रेड गेम्स से तब परिचित हुए, जबकि वे भारतीय और वैश्विक दर्शकों के लिए उपयुक्त सामग्री की खोज कर रहे थे। उपन्यास को उन्होंने "एक दिलचस्प संपत्ति" कहा और इसे भारतीय भाषा में अनुकूलित करने का फैसला किया। शृंखला के लिए निर्देशक और निर्माता की तलाश करते हुए बार्माक ने फैंटम फिल्म्स से संपर्क करने का फैसला किया। २०१४ में, लेखक-निर्देशक विक्रमादित्य मोटवानी ने लॉस एंजिल्स की अपनी यात्रा के दौरान नेटफ्लिक्स की टीम से मुलाकात की। मोटवानी ने चंद्रा के पिछले उपन्यास, लव एंड लॉन्गिंग इन बॉम्बे को पढ़ा था, जिसमें सरताज सिंह के किरदार को पहली बार प्रस्तुत किया गया था। इस बैठक के बाद मोटवानी ने सेक्रेड गेम्स को भी पढ़ा और इसे "महान" माना। उन्होंने कहा कि उनके लिए सबसे अच्छी बात यह थी कि नेटफ्लिक्स वाले इसे हिंदी में बनाना चाहते थे, न कि अंग्रेजी में, क्योंकि उनके अनुसार "अंग्रेजी बोलना कई बार नकली सा लग सकता है।" इसके बाद मोटवानी ने लेखक वरुण ग्रोवर के साथ उपन्यास के अनुकूलन पर काम करना शुरू कर दिया, और लेखन को "सबसे बड़ी चुनौती" के रूप में वर्णित किया।

मोटवानी ने कहा कि डिजिटल शृंखला का माध्यम उनके लिए "मुक्ति देने वाला" था, क्योंकि अब वह उन कहानियों को भी बताने में सक्षम थे, जिन्हें कि "ढाई घंटे के अंतराल में, और तीन गाने डालने के बाद बताया जाना जरूरी नहीं था।" प्रारंभ में मोटवानी का विचार प्रत्येक एपिसोड के लिए अलग-अलग निर्देशकों को काम पर लाने का था, लेकिन जैसे-जैसे वे निर्माण प्रक्रिया के करीब आने लगे, उन्होंने पाया कि सब निर्देशकों के लिए अलग तिथियां ढूंढना काफी मुश्किल था। मोटवानी ने ही सुझाव दिया था कि अनुराग कश्यप भी सीरीज़ को उनके साथ सह-निर्देशित करें, क्योंकि उन्होंने यह महसूस किया कि कहानी की दो "समानांतर कथाओं" के लिए दो "अलग आवाज़ें" आवश्यक थीं। कश्यप ने कहा कि उन्होंने इस अवसर को तुरंत झपट लिया क्योंकि वह उपन्यास से प्रभावित थे। कश्यप ने यह उपन्यास २००६ में तब पढ़ा था, जब यह नया निकला था। २०१४ में अंग्रेजी में एक शृंखला निर्देशित करने के लिए स्कॉट फ्री प्रोडक्शंस की तरफ से एएमसी ने उनसे संपर्क किया था। कश्यप ने तब इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था, क्योंकि वह "भारत में आधारित कुछ भी अंग्रेजी में नहीं" करना चाहते थे। शृंखला की कहानी ग्रोवर, स्मिता सिंह और वसंत नाथ ने लिखी है। स्मिता सिंह ने कहा कि २०१६ में उन्हें फैंटम फिल्म्स ने उपन्यास को अनुकूलित करने के लिए कहा था और "इसे एक कठोर, धीरे जलने वाला" होना था। नाथ ने कहा कि लेखन प्रक्रिया की शुरुआत में वे "मूल से कुछ महत्वपूर्ण पात्रों को दूर कर रहे थे, और नए लोगों को ला रहे थे।" पूरा कथानक एक साल में पूर्ण हो गया था। लेखन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद मोटवानी और अन्य लेखकों ने प्रतिक्रिया के लिए चंद्रा को स्क्रिप्ट दी क्योंकि उनके अनुसार "चंद्रा इतने शोध-प्रखर व्यक्ति हैं कि उन्हें किसी अन्य शोधकर्ता से संपर्क करने की ज़रूरत ही नहीं थी।" शोध की अध्यक्षता स्मिता नायर और मंत्र वात्सा ने की थी, जिन्होंने प्रत्येक अध्याय का सारांश दिया और लेखकों के लिए जटिल कहानी को आसानी से सुलभ बना दिया। नेटफ्लिक्स के लिए यह पहली भारतीय मूल शृंखला है।

शृंखला के सभी प्रसंगों के शीर्षक हिंदू पौराणिक कथाओं से प्रेरित हैं। "अश्वत्थामा" नामक शृंखला का पहला प्रसंग प्रसिद्ध संस्कृत महाकाव्य, महाभारत के इसी नाम के एक चरित्र पर आधारित था, जिसे कुरुक्षेत्र युद्ध के बाद भगवान कृष्ण द्वारा अमरत्व का शाप दिया गया था। पूरे प्रसंग में गायतोंडे खुद को अश्वत्थामा की तरह अमर कहता रहा, हालाँकि उसने बाद में आत्महत्या कर ली थी। दूसरे प्रसंग, "हलाहल" का नाम इसी नाम के एक विष के नाम पर रखा गया था, जो समुद्र मन्थन में निकला था, और भगवान शिव द्वारा धारण किया गया था। इसी प्रकार तीसरे प्रसंग का शीर्षक भी अतापि और वातापि नामक दो राक्षसों से प्रेरित था, जो आतिथ्य के नाम पर यात्रियों को धोखा देते थे, और फिर उन्हें मार दिया करते थे। चौथे प्रसंग के शीर्षक, "ब्रह्महत्या" का अर्थ है ब्राह्मण की हत्या, जो हिंदू धर्म में एक अपराध है। इस प्रसंग में, हिंदू गायतोंडे हिंदू राजनेता भोसले के लिए मुस्लिम वोटों को आकर्षित करने का प्रयास करने के लिए सहमत हो जाता है। पांचवे प्रसंग का शीर्षक, "सरमा" एक कुत्ते का नाम है। "प्रेतकल्प" श्मशान में किया जाने वाला एक हिंदू संस्कार है। इस प्रसंग में, काटेकर की मृत्यु हो जाती है, और सरताज उसका अंतिम संस्कार करता है। "रुद्र" वैदिक ग्रंथों में वर्णित एक शक्तिशाली देवता का नाम है। इस प्रसंग में गायतोंडे की पत्नी सुभद्रा की हत्या हो जाती है; वह अपनी पत्नी के हत्यारों को मारकर उसकी मृत्यु का बदला लेता है। ययाती राजा को समय से पुरानी उम्र के साथ शाप दिया गया था। शीर्षक अनुक्रम, लोगो और शीर्षक डिजाइन ग्राफिक डिजाइनर अनिरुद्ध मेहता और मुंबई स्थित मोशन प्रयोगशाला, प्लेक्सस द्वारा डिजाइन किए गए थे, जिन्होंने इन डिज़ाइनों को तैयार करने के लिए हिंदू पौराणिक कथाओं से प्रेरणा ली थी। मेहता ने कहा कि प्रत्येक प्रतीक शृंखला की कहानियों के शीर्षक से "प्राचीन हिंदू ग्रंथों की कहानियों को, मंडल को, और सिंधु घाटी सभ्यता के पात्रों को आधुनिक डिजाइन तत्वों के साथ मिलाकर" लिया गया था।

उपन्यास को शृंखला के रूप में अनुकूलित करते हुए कहानी में कई बदलाव किए गए। एक ट्रांसजेंडर महिला कुक्कू का चरित्र, जिसका उपन्यास में केवल उल्लेख मात्र ही किया गया है, एक नर्तक है जिसके सौंदर्य को देखकर एक पुलिस अधिकारी उसके प्यार में पड़ गया। एक कॉन्स्टेबल इस बारे में सरताज को बताता हुए कुक्कू को "कश्मीरी सेब के जैसी सुंदर" कहता है। इसके विपरीत शृंखला में, कुक्कू के चरित्र का काफी विस्तार किया गया, जहाँ इसे गायतोंडे की प्रेमिका के रूप में दिखाया गया है। इसी प्रकार, उपन्यास में एक बार वर्णित मैल्कम मुराद का चरित्र भी एक हत्यारे के रूप में विस्तारित भूमिका निभाता है। इनके अतिरिक्त कुछ अन्य बदलाव किए गए थे, जैसे कि उपन्यास में दंगे कहानी का एक हिस्सा थे, जबकि शृंखला में, वे गायतोंडे की यादों में वर्णित हैं।

पात्र चयनसंपादित करें

शृंखला में कई पात्र हिंदी, मराठी, पंजाबी और गुजराती समेत विभिन्न भारतीय भाषाऐं बोलते हैं। कश्यप ने उल्लेख किया कि यह "भारत की वास्तविक समझ" देता है। सैफ अली खान ने शृंखला को एक प्रयोग बताते हुए कहा कि वह इसमें अभिनय करने के लिए सहमत हुए क्योंकि "लोग अब उप-शीर्षकों के साथ अन्य देशों के कार्यक्रम देखने को भी तैयार हैं क्योंकि अच्छी कहानियां सदैव सीमाओं को लांघकर आगे बढ़ती हैं।" खान को सरताज सिंह के चरित्र में एक "दिलचस्प चाप" मिला और उन्होंने उसे "परेशान और ईमानदार" कहा। खान ने यह भी कहा कि उन्होंने उपन्यास के कुछ अंश पढ़े लेकिन बाद में पढ़ना छोड़ दिया क्योंकि उनका इसे पढ़ना भी एक अभिनेता के लिए आवश्यक चीज़ों को ढूंढने में उनकी मदद नहीं कर रहा था। राधिका आपटे ने रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) अधिकारी अंजलि माथुर की भूमिका निभाई। आपटे ने कहा कि उनकी चरित्र "पूरी तरह से निष्कपट और केंद्रित महिला है, जो अपने क्षेत्र में और उसके साथियों द्वारा अत्यधिक सम्मानित है।" उन्होंने उल्लेख किया कि हिंदी फिल्मों के विपरीत उनके चरित्र को ग्लैमरिज्ड नहीं किया गया है और उन्होंने उपन्यास नहीं पढ़ा। कश्यप ने कहा कि उपन्यास की कहानी "बॉम्बे मुंबई कैसे बन गया" के बारे में है, जबकि श्रृंखला "शहर की पूरी भावना स्पष्ट करता है; कहां से यह आया, और आज यह कहां है।"

राजश्री देशपांडे ने सुभद्रा के किरदार निभाए,[10][11] और फिल्म में एक अंतरंग दृश्य में अपने स्तनों को उजागर करके नवाजुद्दीन सिद्दीकी के चरित्र गणेश गायतोंडे की पत्नी और उनकी यौन स्वतंत्रता के लिए उनकी प्रशंसा की गई। [12][13][14] नेटफ्लिक्स शो सेक्रेड गेम्स में कुकू के रूप में उनकी भूमिका के लिए कुब्रा सैत की प्रशंसा की गई थी।[15] कुब्रा सैत ने अपने नग्न शरीर को दिखाते हुए ट्रांसजेंडर की भूमिका निभाई, स्तनों की एक जोड़ी और वेब श्रृंखला में एक लिंग के साथ पूरा किया।[16][17]

विवादसंपादित करें

10 जुलाई 2018 को कांग्रेस पार्टी के सदस्य राजीव कुमार सिन्हा ने राजीव गांधी का अपमान करने के लिए नेटफ्लिक्स और नवाजुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।[1]

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "Why the subtitles for 'Sacred Games' are offending both Congress members and Hindutva supporters".
  2. "Sacred Games में राजीव गांधी की बेइज्‍जती से भड़का नेता, नवाज के खिलाफ शिकायत".
  3. "SACRED GAMES: धर्म के राक्षसों की लपलपाती जीभ का कल्याण हो या नाश?".
  4. "Anurag Kashyap made me shoot for the nude scene 7 times in Sacred Games, says Kubra Sait".
  5. https://www.livehindustan.com/entertainment/story-sacred-games-kubbra-sait-shot-nude-scene-7-times-for-director-anurag-kashyap-2062905.html
  6. "Sacred Games Trailer: नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने की सैफ अली खान की हालत खराब, खुलेआम दे डाला ये चैलेंज".
  7. "लाजवाब और बेइंतहा निर्भीक 'सेक्रेड गेम्स' के बाद कोई नहीं कहेगा कि हिंदी सिनेमा दब्बू है".
  8. Dedhia, Sonil (31 October 2017). "Saif Ali Khan's Web Series 'Sacred Games' To Have Four Seasons?". Mid-Day. मूल से 24 June 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 24 June 2018.
  9. Debnath, Neela (18 June 2018). "Sacred Games Netflix release date, cast, trailer, plot: When is it be out?". Sunday Express. अभिगमन तिथि 24 June 2018.
  10. "ब्लॉग: 'सेक्रेड गेम्स' में वो पति-पत्नी का लव सीन था, 'मैं शर्मिंदा नहीं हूं'".
  11. "India Netflix actor Rajshri Deshpande 'disgusted by porn star label'".
  12. "Sacred Games actor Rajshri Deshpande defends sex scenes: I am not dancing to a derogatory song".
  13. "Sacred Games actor Rajshri Deshpande is being called a porn star for exposing her breasts onscreen".
  14. "सैक्रेड गेम्स में टॉपलेस दिखी ये एक्ट्रेस, WhatsApp पर क्लिप शेयर होने से दुखी".
  15. "Kubbra Sait, who is stealing the limelight as Cuckoo in Saif Ali Khan-starrer Sacred Games - see photos" (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि 2018-07-08.
  16. "Kubra Sait in Sultan and Ready With Salman Khan Was Missable! Hot Actress Gained Fame After Frontal Nudity Scene in Sacred Games".
  17. "Sacred Games in the Middle of Controversies: The Digital Space Is Liberating Art in India, but Is This Freedom Solely Healthy?".

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें