प्राचीन भारत में एक महत्वपूर्ण पद था जो सैनिक कमाण्डर या थलसेना के जनरल जैसा था।

मराठा साम्राज्य में 'सेनापति' का पद वंशानुगत था।

[[श्रेणी:प्राचीन भारत]

महाभारतसंपादित करें

युद्ध में पांडवों की तरफ से सेनापति थी शिखण्डिनी और कौरवों के सेनापति थे भीष्म लेकिन पितामाह भीष्म की मृत्यु के बाद कर्ण और द्रोण को सेनापति बनाया।