सोमदेव सूरि १०वीं शताब्दी के एक जैन सन्त थे। उनका जन्म सम्भवतः बंगाल में हुआ था किन्तु कार्य क्षेत्र दक्षिण भारत रहा।

उनके द्वारा रचित नीतिवाक्यामृतम नीति का प्रसिद्ध ग्रन्थ है। इसके अलावा उन्होने "उपासकाद्ययन" नामक एक ग्रन्थ रचा जो दिगम्बर जैन सम्रदाय का प्रमुख ग्रन्थ है॥

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