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मनोविज्ञान के सन्दर्भ में हताशा या कुण्ठा (फ्रस्टेशन) एक प्रमुख भावनात्मक प्रतिक्रिया है जो व्यक्ति की इच्छाओं के अपूर्ण होने के प्रत्यक्षीकृत प्रतिरोध (perceived resistance) के कारण पैदा होता है। यह व्यक्ति की आशा के प्रतिकूल परिस्थिती मे उत्पन्न होता है। यह विषाद का ही एक अन्य रूप है हताश का साधारण अर्थ है-निराश होना ,थक जाना आदि। [शिवराज सुमन द्वारा]