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हम्मीर रासो हिन्दी का एक रासो ग्रन्थ है। इसके रचयिता शारंगधर है। इसमें रणथंभौर के राणा हम्मीर का चरित्र वर्णन है। छन्द संख्या लगभग ३०० है। यह अहीरवाटी बोली कि रचना है।

यह रचना जोधराज कृत्त हम्मीर रासो से अलग तथा उससे पहले की है।[1]

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