हाथ की सफाई

1975 की प्रकाश मेहरा की फ़िल्म

हाथ की सफाई 1974 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। इसे सलीम-जावेद ने लिखा है, निर्माण आई॰ ए॰ नाडियाडवाला ने किया है और प्रकाश मेहरा इसके निर्देशक है। फ़िल्म में विनोद खन्ना हैं, जिन्होंने फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार जीता, जो फ़िल्म के लिए एकमात्र नामांकन और जीत रही।

हाथ की सफाई

हाथ की सफाई का पोस्टर
निर्देशक प्रकाश मेहरा
लेखक जावेद अख़्तर
निर्माता आई॰ ए॰ नाडियाडवाला
अभिनेता विनोद खन्ना,
रणधीर कपूर,
हेमामालिनी,
सिमी गरेवाल,
रंजीत
संगीतकार कल्याणजी-आनंदजी
प्रदर्शन तिथियाँ
30 अगस्त, 1974
देश भारत
भाषा हिन्दी

बाकी कलाकारों में हेमामालिनी, रणधीर कपूर, सिमी गरेवाल, रंजीत और सत्येन कप्पू शामिल हैं। संगीत कल्याणजी-आनंदजी का है। फ़िल्म टिकट खिड़की पर सफल रही थी।

अपने माता-पिता के दुखद निधन के बाद, राज कुमार भी अपने बड़े भाई से अलग हो जाता है। वह बम्बई में भूखा और गरीबी में भटकता है। उसे एक चोर, उस्मानभाई (सत्येन कप्पू) द्वारा अपना लिया जाता है। वह उसे जेब कतरी और चोरी करने में माहिर करता है। इस माहौल में राज बड़ा हो जाता है। राजू (रणधीर कपूर) को पता चलता है कि कामिनी (हेमामालिनी) नाम की एक धनी महिला घर से भाग गई है। उसको ढूंढने पर सभी अखबारों में इनाम रखा गया है। वह उसे खोज लेता है और उसके साथ प्यार में पड़ने का नाटक करता है।

वह उसका हार भी चुरा लेता है और उसे वापस उसके दमनकारी चाचा के घर ले जाता है, जो चाहते हैं कि उसकी शादी रंजीत (रंजीत) से हो। कामिनी फिर भागने में सफल रहती है, इस बार चालाक राजू, जिसके प्यार में वो पड़ गई है से बच-बचाकर। वह फिर शंकर (विनोद खन्ना) नाम के एक आपराधिक डॉन के चंगुल में पड़ जाती है, जिसके पास उसका हार भी है, जिसे उसने राजू से खरीदा है। वो भी ये सुनिश्चित करना चाह रहा है कि वह घर लौट जाए। कामिनी फिर से भाग जाती है और फिर से राजू के सामने पड़ जाती है। जिसे वह अब रोमा (सिमी गरेवाल) नामक एक महिला और एक बच्चे के साथ पाती है।

मुख्य कलाकार

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सभी गीत गुलशन बावरा द्वारा लिखित; सारा संगीत कल्याणजी-आनंदजी द्वारा रचित।

क्र॰शीर्षकगायकअवधि
1."तू क्या जाने ओ बेवफा"लता मंगेशकर3:57
2."वादा कर ले साजना"लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी4:45
3."पीने वाले को पीने का"किशोर कुमार, हेमामालिनी4:15
4."ऊपर वाले तेरी दुनिया में"महेन्द्र कपूर5:59
5."तुमको मोहब्बत हो गई है"किशोर कुमार, लता मंगेशकर3:41

नामांकन और पुरस्कार

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बाहरी कड़ियाँ

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