जावेद अख्तर

कवि, गीतकार और पटकथा लेखक

जावेद अख्तर कवि और हिन्दी फिल्मों के गीतकार और पटकथा लेखक हैं। वह सीता और गीता, ज़ंजीर, दीवार और शोले की कहानी, पटकथा और संवाद लिखने के लिये प्रसिद्ध है। ऐसा वो सलीम खान के साथ सलीम-जावेद की जोड़ी के रूप में करते थे। इसके बाद उन्होंने गीत लिखना जारी किया जिसमें तेज़ाब, 1942: अ लव स्टोरी, बॉर्डर और लगान शामिल हैं। उन्हें कई फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार, राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार और पद्म भूषण प्राप्त हैं। 2020 में उन्हें धर्मनिरपेक्षता और फ्री थिंकिंग को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए रिचर्ड डॉकिंस अवार्ड से सम्मानित किया गया।[1][2]

जावेद अख्तर

जन्म 17 जनवरी 1945
ग्वालियर, भारत
व्यवसाय गीतकार, कवि, पटकथा लेखक,(वक्ता)
राष्ट्रीयता भारतीय
शैली ग़ज़ल
विषय प्रेम, दर्शन ,साँचा:ड्रामा
आधिकारिक जालस्थल

व्यक्तिगत जीवनसंपादित करें

जावेद अख़्तर का नाम देश का बहुत ही जाना-पहचाना नाम हैं। जावेद अख्तर शायर, फिल्मों के गीतकार और पटकथा लेखक तो हैं ही, सामाजिक कार्यकर्त्ता के रूप में भी एक प्रसिद्ध हस्ती हैं। इनका जन्म 17 जनवरी 1945 को ग्वालियर में हुआ था। पिता जाँ निसार अख़्तर प्रसिद्ध प्रगतिशील कवि और माता सफिया अखतर मशहूर उर्दु लेखिका तथा शिक्षिका थीं। ज़ावेद प्रगतिशील आंदोलन के एक और सितारे लोकप्रिय कवि मजाज़ के भांजे भी हैं। अपने दौर के प्रसिद्ध शायर मुज़्तर ख़ैराबादी जावेद के दादा थे। पर इतना सब होने के बावजूद जावेद का बचपन विस्थापितों सा बीता. छोटी उम्र में ही माँ का आंचल सर से उठ गया और लखनऊ में कुछ समय अपने नाना नानी के घर बिताने के बाद उन्हें अलीगढ अपने खाला के घर भेज दिया गया जहाँ के स्कूल में उनकी शुरूआती पढाई हुई।

जावेद ने दो विवाह किये हैं। उन कि पहली पत्नी से दो बच्चे हैं- फरहान अख्तर और ज़ोया अख़्तर। फरहान पेशे से फिल्म निर्माता, निर्देशक्, अभिनेता, गायक हैं। जोया भी निर्देशक के रूप में अपने करियर कि शुरुआत कर चुकी हैं। उनकी दूसरी पत्नी फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी हैं।

भारत सरकार ने सन् २००७ में जावेद को पद्म भूषण से सम्मानित किया।[3]

पुरस्कार एवं सम्मानसंपादित करें

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "Javed Akhtar Wins Richard Dawkins Award".
  2. "धर्मनिरपेक्षता और तर्कसंगत विचार के लिए जावेद अख्तर को मिला 2020 का रिचर्ड डॉकिंस पुरस्कार".
  3. "Padma Vibhushan for Bhagwati, V. Krishnamurthy" [भगवती, वी कृष्णमूर्ति के लिए पद्म विभूषण] (अंग्रेज़ी में). द हिन्दू. २७ जनवरी २००७. मूल से 14 दिसंबर 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि ८ दिसम्बर २०१३.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें