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हिंग्लिश हिन्दी तथा इंग्लिश के शब्दों का मिश्रण है जिसका अर्थ है दोनों भाषाओं का एक वाक्य में इकट्ठे प्रयोग करना है।[1] इसका प्रयोग अधिकतर भारत के हिन्दी-भाषी राज्यों के शहरी तथा अर्ध-शहरी क्षेत्रों में देखी जाता है जो कि टेलीविजन, मोबाइल फोन तथा मौखिक सम्पर्क के जरिये धीरे-धीरे ग्रामीण तथा दूर-दराज के क्षेत्रों में भी फैल रही है तथा धीरे-धीरे वर्नाकुलर स्थिति को प्राप्त हो रही है।[2]

कई बोलने वाले जानते ही नहीं कि वे हिन्दी वाक्यों में अंग्रेजी शब्द या अंग्रेजी वाक्यों में हिन्दी शब्द घुसा रहे हैं। डेविड क्रिस्टल जो कि यूनिवर्सिटी ऑफ वेल्स में एक ब्रिटिश भाषा-विज्ञानी हैं, ने २००४ में परिकलन किया कि ३५० मिलियन पर, विश्व के हिंग्लिश बोलने वाले जल्दी ही मूल अंग्रेजी बोलने वालों से अधिक हो जायेंगे।[3]

स्तम्भकार देवयानी चौबल पहली लेखिका थीं जिन्होंने अपने लेखन में हिंग्लिश का प्रयोग किया। फिर लेखिका शोभा डे ने अपनी किताबों तथा भारतीय पत्रिका स्टारडस्ट के कॉलमों में हिंग्लिश तत्वों का प्रयोग करना शुरु किया। सलमान रुश्दी तथा उपमन्यु चटर्जी अन्य लेखक हैं जिन्होंने अपने उपन्यासों में हिंग्लिश का बहुतायत से प्रयोग किया है।[4]

२००५ में, बलजिन्दर कौर महल (पेन नाम बी॰ के॰ महल) ने कॉलिन्स द्वारा प्रकाशित द क्वीन्स हिंग्लिश: हाउ टू स्पीक पुक्का नामक किताब लिखी।

हिंग्लिश इंग्लैण्ड में बोली जाने वाली अंग्रेजी को भी प्रभावित कर रही है। भारतीय अप्रवासियों तथा उनके ऑफ्सप्रिंग्स के द्वारा प्रयोग किये जाने वाले शब्द तथा ऍक्सप्रैशन इंग्लैण्ड की बोलचाल की अंग्रेजी में अपनाये गये हैं।[5]

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

नोटसंपादित करें

  1. "The rise of Hinglish: How the media created a new lingua franca for India's elites".
  2. "Hinglish gets the most laughs, say Mumbai's standup comics".
  3. Scott Baldauf (November 23, 2004). "A Hindi-English jumble, spoken by 350 million". Christian Science Monitor.
  4. Kasbekar, Asha (2006). Pop culture India!. ABC-CLIO. पृ॰ 93. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 1851096361.
  5. *Sean Coughlan (8 नवम्बर 2006). "It's Hinglish, innit?". बीबीसी न्यूज़.

सन्दर्भसंपादित करें

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें