१९९१ बीए

क्षुद्रग्रह

१९९१ बीए (1991 BA) एक पत्थरीला पृथ्वी-समीप क्षुद्रग्रह है। इसकी खोज १८ जनवरी १९९१ में हुई थी। भूतकाल में यह पृथ्वी से १,६०,००० किमी की दूरी तक पहुँच चुका है, जो धरती-चंद्रमा की दूरी का केवल आधा है। इसका व्यास (डायामीटर) ५-१० मीटर है। अपने छोटे आकार के कारण यह पृथ्वी से तभी देखा जा सकता है जब यह पृथ्वी के पास हो। वर्तमान समय में यह ज्ञात नहीं है कि यह किस स्थान पर है और इसे एक खोया हीन ग्रह श्रेणित किया जाता है। क्योंकि यह भविष्य में पृथ्वी पर प्रहार करने का ख़तरा रखता है, इसलिये इसे सेन्ट्री संकट तालिका में शामिल किया गया है।[1]

सम्भावित प्रहार संकटसंपादित करें

जहाँ तक वैज्ञानिक​ १९९१ बीए की चाल समझ पाये हैं उनका अनुमान है कि इसकी १८ जनवरी २०२३ में पृथ्वी से टकराने की सम्भावना १९,६१,०००-में-एक है। अगर यह पृथ्वी से टकराया तो यह पहले तो ऊपरी वायुमंडल में नागासाकी के परमाणु बम धमाके जैसा विस्फोट करेगा, यानि १९ किलोटन टीएनटी के बराबर। फिर इस धमाके से इसके कई खण्ड बन जाएँगे जो पृथ्वी के किसी स्थान पर बौछार करेंगे। इस तरह की घटनाएँ औसतन हर वर्ष में एक बार होती हैं। ७ अक्तूबर २००८ में इसी से मिलते-जुलते आकार का क्षुद्रग्रह २००८ टीसी३ (2008 TC3) पृथ्वी पर गिरा था और उसके टुकड़े सुडान के कुछ क्षेत्र पर फैल गये थे। २००८ टीसी३ अपने पृथ्वी पर गिरने से एक दिन पहले ही नया खोजा गया था।

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Scotti, J. V.; Rabinowitz, D. L.; Marsden, B. G. (1991). "Near miss of the Earth by a small asteroid". Nature 354: 287–289. Bibcode:1991Natur.354..287S. doi:10.1038/354287a0.