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अगर तुम ना होते

1983 की लेख टंडन की फ़िल्म

अगर तुम ना होते 1983 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। इसे लेख टंडन द्वारा निर्देशित किया गया और राजेश खन्ना, रेखा और राजबब्बर ने प्रमुख भूमिकाओं में अभिनय किया है। किशोर कुमार को शीर्षक गीत के लिये सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायन का फिल्मफेयर पुरस्कार प्राप्त हुआ था।

अगर तुम ना होते
अगर तुम ना होते.jpg
अगर तुम ना होते का पोस्टर
निर्देशक लेख टंडन
निर्माता राजीव कुमार
विमल कुमार
लेखक रमेश पंत
अभिनेता राजेश खन्ना,
रेखा,
राजबब्बर,
मदन पुरी,
असरानी
संगीतकार आर॰ डी॰ बर्मन
प्रदर्शन तिथि(याँ) 4 नवम्बर, 1983
देश भारत
भाषा हिन्दी

संक्षेपसंपादित करें

फोटोग्राफर राज बेदी (राजबब्बर) आकर्षक राधा (रेखा) से मिलता है, दोनों प्यार में पड़ जाते हैं, और शादी कर लेते हैं। शादी के कुछ समय बाद राज का एक्सीडेंट हो जाता है और वह अस्पताल में भर्ती होता है। वह ठीक हो जाता है, लेकिन उसके पैरों में कोई सनसनी नहीं होती है और उसे पहियाकुर्सी तक ही सीमित होना पड़ता है। उसके इलाज की लागत और नौकरी को गवाने के कारण, राधा को अमीर उद्योगपति अशोक मेहरा (राजेश खन्ना) की इकलौती बेटी की दाई की नौकरी लेनी पड़ती है। राज इस व्यवस्था से काफी खुश है और स्थानीय स्तर पर और बाद में विदेश में अपने इलाज के लिए तत्पर है। वह ये नहीं जानता कि अशोक की मृतक पत्नी राधा से मिलता जुलती थी, कि उसकी बेटी, मिनी सोचती है कि उसकी माँ आखिरकार घर लौट आई है; और यही मुख्य कारण है कि राधा को मेहरा और उसके सहयोगियों ने काम पर रखा था। क्या राधा अपने स्वयं के लिए एक प्यारी सी बेटी पाने के अलावा, अमीर श्रीमती मेहरा के रूप में आरामदायक जीवन जीना चाहेगी?

मुख्य कलाकारसंपादित करें

संगीतसंपादित करें

सभी गीत गुलशन बावरा द्वारा लिखित; सारा संगीत आर॰ डी॰ बर्मन द्वारा रचित।

क्र॰शीर्षकगायकअवधि
1."अगर तुम ना होते" (महिला संस्करण)लता मंगेशकर4:14
2."सच है ये कोई इल्जाम"किशोर कुमार4:38
3."धीरे धीरे ज़रा ज़रा"आशा भोंसले4:49
4."अगर तुम ना होते" (पुरुष संस्करण)किशोर कुमार4:09
5."कल तो संडे की छुट्टी"शैलेन्द्र सिंह, रेखा4:49
6."हम तो है छुई-मुई"लता मंगेशकर5:28
7."अगर तुम ना होते" (दुखी संस्करण)लता मंगेशकर1:23
8."अगर तुम ना होते" (दुखी संस्करण)किशोर कुमार1:23

नामांकन और पुरस्कारसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें