अमीरबाई कर्नाटकी

गायिका, अभिनेत्री

अमीरबाई कर्नाटकी (1906 - 3 मार्च 1965) प्रारंभिक हिन्दी सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री / गायिका और पार्श्व गायिका थीं। वह कन्नड़ कोकिला के रूप में प्रसिद्ध थीं। महात्मा गांधी उनके गीत वैष्णव जन तो के प्रशंसक थे।[2]

अमीरबाई कर्नाटकी
जन्म 1906[1]
बीजापुर (अब विजयपुर), कर्नाटक, भारत
मृत्यु 3 मार्च 1965
भारत
शैली पार्श्वगायन
व्यवसाय गायिका, अभिनेत्री
वाद्य यन्त्र स्वर
सक्रिय वर्ष 1935–1961

निजी जीवनसंपादित करें

अमीरबाई कर्नाटकी का जन्म कर्नाटक के बीजापुर जिले के बिलगी शहर में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनकी सभी पाँच बहनों में से अमीरबाई और उनकी बड़ी बहन गौहरबाई ने प्रसिद्धि अर्जित की। अमीरबाई ने अपना मैट्रिक पूरा किया और पंद्रह साल की उम्र में बॉम्बे चली गईं।

करियरसंपादित करें

अमीरबाई एक प्रतिभाशाली गायिका और अभिनेत्री थीं, जो कन्नड़ (मातृभाषा) और गुजराती भाषाओं में पारंगत थीं। एचएमवी लेबल संगीत कंपनी का एक प्रतिनिधि उनकी गायन प्रतिभा से इतना प्रभावित हुआ कि उसने उनसे एक कव्वाली गवाई, जो बहुत लोकप्रिय हुई। कव्वाली का यह गीत फ़िल्म निर्माता-निर्देशक शौकत हुसैन रिज़वी की फ़िल्म ज़ीनत (1945) के लिए था। उनकी बड़ी बहन गौहरबाई एक अभिनेत्री थीं और उन्होंने 1934 में फ़िल्म विष्णु भक्ति में अमीरबाई को एक भूमिका पाने में मदद की।

शुरुआत में, अमीरबाई ने फ़िल्मों में गाने गाए, लेकिन वे उस सफलता को पाने में नाकाम रहीं, जिसे उन्होंने चाहा था। 1943 में, बॉम्बे टॉकीज़ की फिल्म किस्मत रिलीज़ होने के साथ, उन्होंने लोकप्रियता हासिल की। किस्मत के गीतों से अमीरबाई प्रसिद्ध हो गईं। सफलता के पीछे आदमी थे संगीतकार अनिल बिस्वास[3] वह शुरू में एक गायिका के रूप में जानी जाती थी, लेकिन अपने करियर के पतन में वह एक पार्श्व गायिका बन गई। वह 1947 तक अपने करियर के शिखर पर पहुँच गई।

1947 के बाद, लता मंगेशकर उभरती हुई सितारा बन गई, इसलिए एक बार फिर अमीरबाई ने अभिनय में कदम रखा। अपने बाद के वर्षों में, उन्होंने ज्यादातर चरित्र भूमिकाएँ निभाईं। अमीरबाई ने वहाब पिक्चर्स की फिल्म शहनाज़ (1948) के लिए भी संगीत तैयार किया। उसी वर्ष उन्होंने गुजराती और मारवाड़ी फिल्मों के लिए हिन्दी सिनेमा लगभग छोड़ दिया था। "

सन्दर्भसंपादित करें

  1. http://www.womenonrecord.com/music-makers/artists/zohrabai-amirbai-rajkumari, Profile of Amirbai Karnataki on womenonrecord.com website, Retrieved 20 May 2016
  2. "जानिए- 500 वर्ष से भी अधिक पुराने इस चर्चित भजन के बारे में, जिसे रोज गाते थे गांधीजी". दैनिक जागरण. 1 फरवरी 2019. अभिगमन तिथि 20 फरवरी 2019.
  3. मिश्र, यतींद्र (6 अगस्त 2017). "आधुनिक संगीत के पहले नायक: अनिल विश्वास". बीबीसी हिन्दी. अभिगमन तिथि 20 फरवरी 2019.