उलूक गंधार नरेश शकुनि व रानी ‍आरशी का पुत्र था। कुरुक्षेत्र का युद्ध आरंभ होने से पूर्व उसे अंतिम संदेशवाहक के रूप में पाण्डवों को धमकाने के लिए भेजा गया और उसने उपपलव्य जाकर पाण्डवों को दुर्योधन का अपमानजनक संदेश सुनाया।[1]

उलूक
हिंदू पौराणिक कथाओं के पात्र
नाम:उलूक
संदर्भ ग्रंथ:महाभारत
मुख्य शस्त्र:तलवार
माता-पिता:शकुनि (पिता) अर्शी (माता)
भाई-बहन:वृकासुर तथा वृप्रचिट्टी (भाई)

उलूक का वध सहदेव ने १८ वें दिन किया था। उसके अन्य भाइयों का वध अभिमन्यु द्वारा किया गया।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. https://sa.wikisource.org/wiki/महाभारतम्-05-उद्योगपर्व-163

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