एक विलन

हिन्दी भाषा में प्रदर्शित चलवित्र

एक विलन एक भारतीय रोमांटिक थ्रिलर फिल्म है जिसके डायरेक्टर मोहित सूरी हैंसिद्धार्थ मल्होत्रा, रितेश देशमुख तथा श्रद्धा कपूर मुख्य अभिनय भूमिका में हैं। बालाजी टेलीफ़िल्म्स और बालाजी मोशन पिक्चर्स के अंतर्गत एकता कपूर तथा शोभा कपूर द्वारा उत्पादित है। यह २७ जून २०१४ को रिलीज़ हुई।

एक विलन
Ek Villain Poster.jpg
सिनेमाघर का रिलीज़ पोस्टर
निर्देशक मोहित सूरी
निर्माता एकता कपूर
शोभा कपूर
अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा
श्रद्धा कपूर
रितेश देशमुख
आमना शरीफ
कमाल राशिद खान
शाद रंधावा
रेमो फर्नांडिज़
प्राची देसाईं
आशिफ बसरा
संगीतकार अंकित तिवारी
मिथुन
सोच (बैण्ड)
रब्बी अहमद
अदनान ढूल।
छायाकार विष्णु राव
संपादक देवेन मुरुदेश्वर
स्टूडियो बालाजी मोशन पिक्चर्स
वितरक बालाजी टेलीफिल्म्स
प्रदर्शन तिथि(याँ) २७ जून २०१४
समय सीमा १४० मिनट
देश Flag of India.svg भारत
भाषा हिन्दी

पटकथासंपादित करें

हर फिल्म में एक हीरो और एक विलन होता है परंतु इस फिल्म में दो विलन हैं जिसमें से एक खलनायक से नायक बन जाता है। इस फिल्म का मुख्य किरदार गुरू नामक गुण्डा है जो सीज़र के लिये काम करता है। वह किसी भी को मारने में हिचकिचाता नहीं था। एक दिन वह पुलिस थाने में एक लड़की से मिला जिसका नाम आयशा था, वा बहुत बीमार थी तथा डॉक्टरों के अनुसार उसके जीवन के कुछ ही दिन बचे हैं। वह अपनी बची ज़िंदगी हँसी खुशी तथा समस्याओं से दूर रहकर जीना चाहती है तथा उसकी कुछ इच्छाऐं हैं मसलन बारिश में मोर को नाचते देखना, तितलियों को अपने हाथों में पकड़ना तथा बर्फ में खेलना आदि। गुरू को उससे प्यार हो जाता है। आयशा गुरू को विलन विलन कहकर पुकारती है। गुरू अपने सारे गलत धंधे छोड़कर उस लड़की के साथ जीवन की नई शुरुआत करना चाहता है। वह उस लड़की के सारे इच्छाओं को पूरा करना चाहता है। आयशा के बोल अंधेरे को अंधेरा नहीं, रोशनी ही खत्म कर सकती है। नफरत को नफरत नहीं मार सकती, बल्कि प्यार ही उसे खत्म कर सकता है। यही फिल्म का थीम है। एक तरफ़ राकेश है जिसकी कहानी गुरू के समानांतर ही चलती रहती है। उसके दोस्त, बॉस यहाँ तक की उसकी पत्नी सुलोचना तक उसका उपहास करती है जिससे उसकी सख्सीयत हमेंशा के लिये परिवर्तित हो जाता है तथा वही इस फिल्म के खलनायक के रूप में उभरता है।

आखिर एक दिन आयशा का खून हो जाता है जिससे गुरू सभी लोगों को मारने लगता है। वह आयशा के खून का जिम्मेदार अपने पुराने मालिक को समझकर उसे मारने जाता है। तब उसे पता चलता है कि जिन्हें उसने मार डाला है वह निर्दोष थे। फिल्म के अंतिम दृश्य में गुरू को पता चलता है कि आयशा का खून राकेश ने किया है, तथा इन दोनो के बीच लड़ाई होती है जिसमें राकेश का पतन होता है।[1][2]

निर्माणसंपादित करें

एकता कपूर ने मोहित सूरी को इस रोमांटिक थ्रिलर फिल्म के डायरेक्टर के रूप में चुना तथा फिल्म का निर्माण किया। यह फिल्म एक कोरियन फिल्म साव द डेविल का पुनर्निमाण है।

इस फिल्म के मुख्य किरदार गुरू की भूमिका हेतु सिद्धार्थ मल्होत्रा को चुना गया तथा नकारात्मक राकेश भूमिका हेतु रितेश देशमुख को चुना गया। सीज़र की भूमिका हेतु रेमो फर्नांडिज़ को चुना गया।[3] मुख्य नायिका आयशा के रूप में श्रद्धा कपूर को चुना गया।[4] पहले इस भूमिका हेतु आलिया भट्ट को चुना गया था। इसी फिल्म में श्रद्धा कपूर अपने करियर में पहली बार गाना गाते नज़र आ रहीं हैं।[5] इस फिल्म में रितेश देशमुख की पत्नी सुलोचना की भूमिका के लिये मशहूर टीवी धारावाहिक अभिनेत्री आमना शरीफ को चुना गया।[6]

सीबीएफसी व्यवस्थासंपादित करें

केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने कुछ छोटे विषय वस्तुओं को हटाने तथा एक्शन दृश्यों की टोनिंग तथा कुछ विशेष आपत्तिजनक शब्दों को म्यूट करने के बाद फिल्म को मंजूरी दे दी। बालाजी मोशन पिक्चर्स के प्रतिनिधि तरुण गर्ग ने कहा कि, "फिल्म के कुछ मामूली कटौती की कार्यवाही के बाद फिल्म को U/अ प्रमाणपत्र के साथ मंजूरी दे दी गई है। कटौती से स्क्रीनप्ले से एक मिनट ही गए हैं।"[7]

संगीतसंपादित करें

इस फिल्म के गाने निम्नांकित हैं जिनमें से एक गाने को मुख्यत: नायिका के रूप में देखी जाने वाली श्रद्धा कपूर ने गाया है, जिसे आप निम्नांकित देख सकते हैं।

एक विलन
क्र॰शीर्षकगीतकारसंगीतकारगायकअवधि
1."गलियाँ"मनोज मुंतशिरअंकित तिवारीअंकित तिवारी5:41
2."बंजारा"मिथुनमिथुनमोहम्मद इरफान अली5:37
3."ज़रूरत"मिथुनमिथुनमुस्तफ़ा ज़ाहिद6:09
4."अवारी"रब्बी अहमद, अदनान धूलरब्बी अहमद, अदनान धूलअदनान धूल, मोमिना मुस्तेहस्न5:21
5."हमदर्द"मिथुनमिथुनअरिजीत सिंह4:19
6."गलियाँ (अनप्लग्ड)"मनोज मुंतशिरअंकित तिवारीश्रद्धा कपूर, अंकित तिवारी4:14
कुल अवधि:22:59

बजट तथा सफलतासंपादित करें

₹४० करोड़ की बजट में २७ जून को रिलीज़ हुई एक विलन ने ३० जून तक ही बॉक्स अॉफिस में ₹५१.९५ करोड़ का कलेक्शन कर लिया। दिल्ली तथा यूपी के फिल्म व्यापार से जुड़े सुरेंद्र पॉल की मानें तो अगर यह फिल्म 'ए' सर्टिफिकेट के साथ रिलीज़ होती तो शायद ही इसे इतनी सफलता मिलती, U/अ फैमिली क्लास सर्टिफिकेट के कारण इसे लोग स परिवार देखने आए अत: इसे लाभ हुआ। इसके चलते दिल्ली के समस्त सिंगल स्क्रीन्स की अॉक्युपेंसी ७० फीसदी रही, नई दिल्ली का डिलाइट सिनेप्लेक्स हाउसफुल रहा तथा गोलचा, लिबर्टी तथा रीगल सिनेमाघरों की अॉक्यूपेसी ८०-९० प्रतिशत रही।[8]

यह फिल्म दर्शकों की आशा में खरी उतरी। बालाजी मोशन पिक्चर्स की इस फिल्म ने अपने पहले ही सप्ताह में बुलंदी प्राप्त की तथा उस सप्ताह इसका कलेक्शन ₹७७.२० करोड़ रहा।[9]

सन्दर्भसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें