कुकी-चिन-नागा भाषाएँ (Kuki-Chin–Naga) भारत के मिज़ोनागा लोग तथा बर्मा के चिन लोग द्वारा बोली जाने वाली भाषाओं का एक समूह है। यह सभी तिब्बती-बर्मी भाषा-परिवार की सदस्य हैं लेकिन इनका आपसी सम्बन्ध अभी ज्ञात नहीं है। मिज़ो भाषा सर्वाधिक मातृभाषी रखने वाली कुकी-चिन-नागा भाषा है और भारत में सन् 2001 में इसके 6,74,756 वक्ता थे। इसके अलावा थाडो भाषा (1,50,000 वक्ता) और आओ शाखा की मोंगसेन आओ (1,40,000 वक्ता) भी एक लाख से अधिक लोगों द्वारा बोली जाती हैं।[1][2]

कुकी-चिन-नागा
भौगोलिक
विस्तार:
भारतबर्मा
भाषा श्रेणीकरण: चीनी-तिब्बती
उपश्रेणियाँ:

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Hammarström, Harald; Forkel, Robert; Haspelmath, Martin; Bank, Sebastian, eds. (2016). "Kuki-Chin–Naga Archived 2017-04-17 at the Wayback Machine". Glottolog 2.7. Jena: Max Planck Institute for the Science of Human History.
  2. VanBik, Kenneth. 2009. Proto-Kuki-Chin: A reconstructed ancestor of the Kuki-Chin languages Archived 2016-03-05 at the Wayback Machine. STEDT Monograph Series 8. Berkeley, CA: STEDT.