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भारतीय चन्द्रयान अभियान

भारत के अंतरिक्ष अभियान
(चन्द्रयान कार्यक्रम से अनुप्रेषित)


भारतीय चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम जिसे चंद्रयान कार्यक्रम के रूप में भी जाना जाता है। चंद्रयान कार्यक्रम, (इसरो) द्वारा बाह्य अंतरिक्ष मिशन की एक श्रृंखला है। इस कार्यक्रम में चंद्रमा के लिये कक्षीयान और भविष्य चंद्र लैंडर और रोवर क को शामिल किया गया।[1]

अनुक्रम

कार्यक्रम संरचनासंपादित करें

चंद्रयान (भारतीय चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम) कार्यक्रम एक बहु मिशन कार्यक्रम है। तथा अब तक केवल एक ही कक्षीयान इसरो के पीएसएलवी रॉकेट का उपयोग चंद्रमा के लिए भेजा गया। तथा दूसरा अंतरिक्ष यान चंद्रयान-२ को जुलाई 2019 में भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान संस्करण 3 रॉकेट का उपयोग प्रक्षेपण के लिए तैयार किया जा रहा है।[1]

चरण 1: कक्षीय मिशनसंपादित करें

पहले चरण में प्रथम चांद्र कक्षीयान का शुभारंभ शामिल किया गया।[1]

  • चंद्रयान-1,22 अक्टूबर 2008 को ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान रॉकेट पर सवार होकर प्रमोचित किया गया। चंद्रयान -1 अंतरिक्ष यान में मून इम्पैक्ट प्रोब पेलोड ने चंद्रमा पर पानी की खोज की। जो इसरो के लिए एक बड़ी सफलता थी। इसके अलावा चंद्रयान -1 मिशन ने कई तरह के मानचित्रण और चंद्रमा की वायुमंडलीय की रूपरेखा के रूप में कई अन्य कार्यों प्रदर्शन किया।[1]

चरण 2: लैंडर/रोवरसंपादित करें

दूसरे चरण की तैयारी की जा रही है। जिसमे चंद्रमा पर लैंडिंग करने में सक्षम अंतरिक्ष यान को शामिल किया जायेगा। तथा चंद्रमा की सतह पर रोबोट रोवर तैनात किये जाएंगे।[1]

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "Chandrayaan programme".