जम्मू और कश्मीर विधानसभा, जम्मू और कश्मीर की विधायिका है।

जम्मू और कश्मीर विधानसभा
राज्य-चिह्न या लोगो
प्रकार
सदन प्रकार एकसदनीय
इतिहास
स्थापित 1952
नेतृत्व
अध्यक्ष कविन्दर गुप्ता, भाजपा
2015 से
विपक्ष के नेता उमर अब्दुल्ला, नेकां
2015 से
सीटें 87

2019 से पहले, जम्मू और कश्मीर राज्य में एक द्विसदनीय विधायिका थी जो विधान सभा (निचला सदन) और विधान परिषद (उच्च सदन) से मिलकर बनी थी । जम्मू और कश्मीर विधानसभा का कार्यकाल 6 वर्ष (अब 5 वर्ष) का होता था। अगस्त 2019 में भारत की संसद द्वारा पारित जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 ने इसे एकसदनी विधायिका में बदल दिया, साथ ही राज्य को पुनर्गठित (द्विभाजित) कर इसे एक केन्द्र-शासित प्रदेश बना दिया।

21 नवंबर 2018 को राज्यपाल द्वारा जम्मू और कश्मीर की विधानसभा भंग कर दी गई थी। 6 महीने की अवधि के भीतर नए चुनावों की उम्मीद की गई थी लेकिन बाद में नए निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं के कार्यान्वयन की अनुमति देने के लिए चुनाव स्थगित कर दिया गया था।

राजनीतिक दलसंपादित करें

 • वा नवम्बर-दिसम्बर 2014 की सूची जम्मू और कश्मीर विधानसभा निर्वाचन परिणाम
पार्टी झंडा/चुनाव चिन्ह सीटें +/–
जम्मू और कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (JKPDP)   28  7
भारतीय जनता पार्टी (BJP)   25  14
जम्मू और कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस (JKNC)   15  13
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) 12  5
जम्मू और कश्मीर पीपुल्स कांफ्रेंस (JKPC) 75px 2  2
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI(M))   1 0
पीपुल्स डेमोक्रेटिक मोर्चा 1
निर्दलीय (IND) 3  1
कुल (मतदान 60.5%) 87 -
स्रोत: Electoral Commission of India[मृत कड़ियाँ]

सन्दर्भसंपादित करें