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चरखी दादरी, हरियाणा राज्य, (भारत), का 22वाँ[1] जिला व शहर है। शहरी विकास होने के कारण दादरी के पास का एक गाँव 'चरखी' इससे जुड़ गया जिसके कारण शहर का नाम चरखी दादरी पड़ गया। चरखी राजा बिल्हान सिंह (राजपूत शाशक महाराजा पृथ्वीराज चौहान के वंसज ) द्वारा स्थापित किया गया था ।

चरखी दादरी
—  शहर (अब = जिला)  —
निर्देशांक: (निर्देशांक ढूँढें)
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य हरियाणा
महापौर धर्मबीर सिंह (भाजपा)
जनसंख्या 44,895 (2011 के अनुसार )
आधिकारिक जालस्थल: http://www.charkhidadri.org/

अनुक्रम

चरखी दादरी तहसीलसंपादित करें

चरखी दादरी तहसील के अंतर्गत 174 गाँव आते हैं और चरखी दादरी हरियाणा की सबसे बड़ी तहसील है। यह दक्षिण हरियाणा में स्थित है और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से 105 किलोमीटर दूर है। लोककथाओ के अनुसार दादरी में एक बड़ी झील थी जिसका नाम दादर था जिससे शहर का नाम दादरी पड़ा। एक और किस्से के अनुसार शहर में एक झील थी जिसमे ज्यादा मेंढक थे जिनको संस्कृत में दादुर कहते हैं। पूर्वज बताते हैं कि ज्यादा दादुर (मेंढक) होने के कारण शहर का नाम दादुर से दादरी रख दिया गया हिलना पत्थर दादरी के कलियाणा ग्राम में मिलता है.

शैक्षिक संस्थानसंपादित करें

स्वर्गीय राम किशन गुप्ता, तो एक पूर्व सांसद दादरी एजुकेशन सोसायटी की स्थापना की। चरखी दादरी में हैं कंप्यूटर के प्रबंधन की केदारनाथ अग्रवाल इंस्टीट्यूट, JVMGRR संस्थान सहित कई शिक्षण संस्थान। एपीजे स्कूल, डी आर आदर्श विद्या मंदिर, RED स्कूल, वैश्य सीनियर सैकेंडरी की तरह अच्छी शिक्षा की पेशकश कई स्कूल हैं।

स्थानसंपादित करें

चरखी दादरी गैर ब्रांडेड माल की खरीदारी के लिए उपलब्ध हैं। दादरी एक छोटा लेकिन व्यस्त शहर है। रेस्ट हाउस मंदिर, हनुमान मंदिर, रंगीला हनुमान मंदिर, बाला जौहर और श्री गुरु नानक सत्संग सभा (सुभाष चौक) की तरह चरखी दादरी में देखने लायक कई मंदिर हैं। चरखी दादरी दिल्ली से सड़क और रेल द्वारा जुड़ा हुआ है। दादरी के नजदीक कपूरी की पहाडी भी एक दर्शनीय स्थल है जहा शिव मन्दिर और आश्रम है।

सन्दर्भसंपादित करें