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इस दृष्टि दोष में मनुष्य को दूर की वस्तु स्पष्ट दिखाई पड़ती है परंतु नजदीक की वस्तु स्पष्ट दिखाई नहीं पड़ती है इस दृष्टि दोष को दूर दृष्टि दोष कहते हैं।

आंखों में यह दोष उत्पन्न होने पर प्रकाश की समान्तर किरणपुंज आँख द्वारा अपवर्तन के बाद रेटिना के बाद में प्रतिबिम्ब बनाता है (न कि रेटिना पर) इस कारण पास की वस्तुओं का प्रतिबिम्ब स्पष्ट नहीं बनती और चींजें धुंधली दिखतीं हैं।

यह अधिकांश वृद्ध अवस्था की स्थिति में आता है। सामान्य लोगों में यह बहुत कम पाया जाता है। इस दोष के निवारण के लिए उत्तल लेंस का प्रयोग किया जाता है।