पल्लव लिपि, ब्राह्मी लिपि से व्युत्पन्न लिपि है जिसका विकास ६ वीं शताब्दी में पल्लव राजवंश के काल में हुआ था।

पल्लव
प्रकार आबूगीदा
बोली जाने वाली भाषाएं तमिऴ, पुराना ख्मेर, पुराना मलय, आदि।
काल ६ वीं शताब्दी ईस्वी से ९ वीं शताब्दी ईस्वी
मूल प्रणालियां
संतति प्रणालियां ग्रन्थ, पुरानी मोन लिपि, खमेर, कवि
बंधु प्रणालियां तमिऴ, वट्टेऴुत्तु
नोट: इस पन्ने पर यूनिकोड में IPA ध्वन्यात्मक चिह्न हो सकते हैं।