पहाड़ी[1] एक अस्पष्ट शब्द है जो उन भाषाओं, बोलियों और भाषा समूहों को संदर्भित करता है, जो पहाड़ी भाषाओँ (उत्तरी हिंद-आर्य भाषा समूह) में आती हों। इनमें से अधिकांश शिवालिक हिमालय में पाई जाती हैं।

आमतौर पर, यह शब्द निम्नलिखित भाषाओं को संदर्भित करता है:

पहाड़ी के ये अर्थ भी हो सकते हैं:

  • मैदानी इलाकों के डोगरी बोलने वालों द्वारा भारतीय जम्मू और कश्मीर में ऊंचाई वाले इलाक़ों में बोली जाने वाली डोगरी की बोलियाँ [3]
  • भारतीय पंजाब के एक निश्चित पहाड़ी क्षेत्र में बोली जाने वाली बिलासपुरी की एक स्थानीय नाम [4]
  • एक नाम जो आजकल केवल ग्रामीण क्षेत्रों में नेपाली भाषाको संदर्भित करने के लिए उपयोग किया जाता है [5]
  • पूर्वी गुजरात की एक भीली बोली का स्थानीय नाम। [4]

इसी तरह का एक शब्द पहरीनेपाल के तिब्बती-बर्मन नेवार भाषा की बोलियों के समूह को संदर्भित करता है। [6][7]

इसी तरह की उत्पत्ति का नाम पहाड़िया है, जिसका प्रयोग पूर्व-मध्य भारत की कई भाषाओं के लिए किया जाता है।

संदर्भसंपादित करें

  1. "Pahari". Oxford English Dictionary. Oxford University Press. 2nd ed. 1989.
  2. Masica, Colin P. (1991). The Indo-Aryan languages. Cambridge language surveys. Cambridge University Press. पृ॰ 439. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-521-23420-7.
  3. (2007) A sociolinguistic survey of the Dogri language, Jammu and Kashmir, पृ॰ 7. (Report). Retrieved 5 नवंबर 2019.
  4. Masica, Colin P. (1991). The Indo-Aryan languages. Cambridge language surveys. Cambridge University Press. पृ॰ 439. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-521-23420-7.
  5. Riccardi, Theodore (2003). "Nepali". प्रकाशित George Cardona, Dhanesh Jain (eds.) (संपा॰). The Indo-Aryan languages. Routledge language family series. Y. London: Routledge. पृ॰ 540. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-7007-1130-7. मूल से 8 अगस्त 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 5 नवंबर 2019.सीएस1 रखरखाव: editors प्राचल का प्रयोग (link)
  6. van Driem, George (2001). Languages of the Himalayas. Handbuch der Orientalistik. 1. Leiden: Brill. पपृ॰ 758, 1098. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-90-04-10390-0.
  7. Shreshtha, Rudra Laxmi (2003). "Verbal morphology of the Badikhel Pahari dialect of Newar". प्रकाशित Kansakar, Tej Ratna; Turin, Mark (संपा॰). Themes in Himalayan languages and linguistics. Heidelberg ; Kathmandu: South Asia Institute ; Tribhuvan University. पपृ॰ 145–62. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-99933-54-16-1.